उन्नाव के असोहा में दो किशोरियों की मौत से सनसनी, तीसरी को इलाज के लिए कानपुर भेजा गया

उन्नाव (अजय) : जिले असोहा थाना के गांव बाबुरहा में दो नाबालिग लड़कियों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में परिवार को परेशान करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया है। परिवार सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। मामले की एकमात्र चश्मदीद मानी जा रही तीसरी लड़की की हालत नाजुक बनी हु्ई है।



इस बीच प्रशासन ने चार डॉक्टरों के पैनल से दोनों लड़कियों का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपेार्ट से जहर से मौत की पुष्टि हो गई है । उधर, मृत पाई गई दोनों लड़कियों के शवों के लिए कब्र खोदने गई जेसीबी मशीन को गुस्साए ग्रामीणों की भीड़ ने लौटा दिया है। 

तीसरी किशोरी की हालत गंभीर

बुधवार देर शाम उन्नाव के असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गांव के एक खेत में तीन नाबालिग दलित लड़कियां बेहोशी की हालत में दुपट्टे से बंधी पड़ी मिलीं। इनमें दो की मौत हो चुकी थी, जबकि एक को सीएचसी से जिला अस्पताल और उसके बाद कानपुर रीजेंसी अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के 12 घंटे बाद भी उसकी हालत गंभीर है। उसे बैग और ट्यूब वेंटिलेशन पर रखा गया है। अस्पताल की चाइल्ड केयर यूनिट उसका गहनता से इलाज कर रही है।

  • सनसनी खेज घटना के बाद मृतक के परिजनों को किया नजरबंद

पुलिस प्रशासन ने घटनास्थल को कब्जे में ले लिया। पुलिस पर पीड़ित परिवार को नजरबंद करने के आरोप लगे। किसी को परिवार से बात करने की अनुमति नहीं दी गई। यहां तक कि मीडिया के लोगों को भी आगे नहीं जाने दिया गया। एक तरह से इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया।

  • जांच में जुटी पुलिस की छह टीमें

दो नाबालिग लड़कियों की मौत की जांच के लिए पुलिस की छह टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में 4 सीओ, 9 थानेदारों के साथ ही क्राइम ब्रांच में तैनात 3 इंस्पेक्टर को खुलासे के लिए लगाया गया। पाठकपुर गांव में उन्नाव जनपद के नौ थानों की पुलिस फोर्स गांव में तैनात। इसके साथ ही 19 दरोगाओं, 70 मुख्य आरक्षी, 30 सिपाहियों की अतिरिक्त तैनाती की गई।

दो किशोरियों के शव और एक के गंभीर हालत में मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले के खुलासे के लिए रात भर पुलिस का एक्शन जारी रहा। पुलिस ने मामले में चार युवकों को उठा लिया। उनसे पूछताछ चल रही है। उठाए गए चारों युवक बाबूरहा के बगल के गांव के हैं।

  • रात एडीजी और आईजी ने की पूंछतांछ

देर रात तक पुलिस असोहा के बाबूरहा गांव में ही डटी रही। इस दौरान करीब 2:30 बजे पुलिस पीड़ित परिवार को लेकर थाने पहुंची जहां एडीजी एसएन सावंत और आईजी लक्ष्मी सिंह ने उनसे घटना के बारे में पूछताछ की।

* सोशल मीडिया पर चला बयान वार

घटना की एकमात्र गवाह बची किशोरी को बचाने की गुहार लगाते हुए उसे तुरंत दिल्ली एम्स में शिफ्ट करने की मांग की। कई लोग रात भर सोशल मीडिया पर #Save_Unnao_Ki_Beti हैशटैग चलाते रहे। हजारों लोगों ने इस बारे में ट्वीट कर पीड़िता की जान को खतरे की आशंका जाहिर की। प्रियंका गांधी, सुभाषिनी अली सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने सरकार पर हमले तेज कर दिए।

  • गांव में भारी फोर्स तैनात


एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि लड़कियों की किसी से दोस्ती तो नहीं थी। मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। मौके पर और पीड़िता के घर अभी भी पुलिस फोर्स तैनात है।

  • कब्र खोदने पहुंचा प्रशासन, सपाई विरोध में उतरे

प्रशासन की ओर से कब्र खोदने के लिए जेसीबी मशीन मंगाई गई तो ग्रामीणों और सपा के लोगों ने पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाएंगी। ग्रामीणों ने कहा कि पीड़ित परिवार को नौकरी, मुआवजा और हत्यारों की तलाश जब तक नहीं होगी वह किशोरियों का शव दफनाने नहीं देंगे। ग्रामीणों ने विरोध जताया कि जेसीबी से कब्र नहीं खुदने दिया। विरोध के बाद प्रशासन ने जेसीबी गांव से बाहर खड़ी करा दी।