विधानसभा चुनाव में भाजपा की नींद हराम कर सकते हैं पंचायत चुनाव के नतीजे

त्वरित टिप्पणी: पंचायत चुनाव के नतीजे संकेत देते हैं कि मध्य उत्तर प्रदेश में भाजपा की हालत थोड़ा पतली दिख रही है। 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में ये नतीजे असर डाल सकते हैं। कहा जा रहा है कि मजबूती दिखाने के लिए निर्दलीय जीते पंचायत सदस्यों भाजपा ने डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। यहां के 14 जिलों में कहीं भाजपा तो कहीं सपा आगे रही। भाजपा के हार्ट लैंड समझे जाने वाले कानपुर, लखनऊ, कानपुर देहात, उन्नाव जैसे जिलों में सपा का वर्चस्व रहा। पंचायत चुनाव में बसपा तीसरी बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। कांग्रेस इस क्षेत्र में अस्तित्व बचाने के लिए छटपटाती दिखाई दी।


कानपुर नगर के जिला पंचायत पद के लिए 13 सीटें सपा ने जीती हैं व 8 सीटें जीतकर भाजपा दूसरे नंबर पर है। कानपुर देहात में जिला पंचायत की 32 सीटें हैं। भाजपा को चार, सपा को आठ, बसपा को सात सीटें मिली हैं बाकी 13 निर्दलीय जीते। हरदोई में जिला की 72 सीटें हैं जिसमें 13 भाजपा, 9 सपा, 7 बसपा तथा निर्दलीय ने 32 सीटें जीती हैं। अभी 11 सीटों पर नतीजा आना शेष है।

उन्नाव जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल 51 सीटें हैं। जिसमें से 8 सीटें भाजपा, 19 सीटें सपा, 3 सीटें बसपा और अन्य/निर्दलीय ने 21 सीटें जीती हैं। इटावा में जिला पंचायत सदस्य की कुल 24 सीटें हैं। जिसमें से 1 सीट भाजपा, 18 सीटें सपा, 1 सीट बसपा, 2 सीट प्रसपा और अन्य/निर्दलीय ने 2 सीट जीती हैं। सपा और प्रसपा गठबंधन को 20 सीटें मिली हैं। प्रसपा ने 10 उम्मीदवार उतारे थे, इसमें आठ उम्मीदवार सपा और प्रसपा के एक ही थे। फतेहपुर जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल सीटें 46 हैं। जिसमें से 7 सीटें भाजपा, 12 सीटें सपा, 3 सीट बसपा, 5 सीटें कांग्रेस और अन्य/निर्दलीय ने 19 सीट जीती हैं।

उपरोक्त आकंड़े मतगणना की सूचना पर आधारित हैं। अधिकारिक रूप से अभी तक सिर्फ 5 विजेताओं को ही प्रमाण पत्र दिए जा सके हैं। किसी बड़े आपराधिक परिवार से कोई क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत नहीं है। फर्रुखाबाद में जिला पंचायत सदस्य की कुल 30 सीटें हैं। अभी तक मात्र 22 सीटों पर ही परिणाम घोषित हुए हैं। जिसमें सपा को 6, भाजपा को 3, बसपा को 2 और 11 सीटें निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीती हैं। आठ सीटाें के अभी तक नतीजे जारी नहीं हुए हैं।

जालौन में जिला पंचायत सदस्यों की कुल 25 सीटें हैं। बसपा ने 7 सीटों पर, सपा को 4, कांग्रेस को 1, जनता दल (वीपी सिंह) को एक और निर्दलीय को छह सीटाें पर जीत हासिल हुई है। फिलहाल आपराधिक इतिहास वाले परिवार से किसी भी व्यक्ति के चुनाव में खड़े होने और जीतने की कोई भी सूचना नहीं है। कन्नौज जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल सीटें 28 हैं। जिसमें से 6 सीटें भाजपा, 9 सीटें सपा, 1 सीट बसपा, और अन्य/निर्दलीय ने 4 सीट जीती हैं।


उपरोक्त आकंड़े मतगणना की सूचना पर आधारित हैं। अभी तक आठ सीटों के परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। महोबा जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल सीटें 14 हैं। जिसमें से 3 सीटें भाजपा, 5 सीटें सपा और अन्य/निर्दलीय ने 6 सीट जीती हैं। उपरोक्त आकंड़े मतगणना की सूचना पर आधारित हैं। ग्योड़ी सीट से जिला पंचायत सदस्य रमा सिंह (भाजपा समर्थित) जीती हैं। यह पूर्व मंत्री बादशाह सिंह के परिवार से हैं। इनके पति अवनींद्र सिंह उर्फ राजू सिंह पर चार मुकदमे दर्ज हैं।

बांदा जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल सीटें 30 हैं। जिसमें से 7 सीटें भाजपा, 3 सीटें सपा, 11 सीट बसपा, 4 सीटें अपना दल और अन्य/निर्दलीय ने 5 सीट जीती हैं। उपरोक्त आकंड़े मतगणना की सूचना पर आधारित हैं। बसे ज्यादा 11 सीटों पर बसपा समर्थित प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। लोकसभा और विधान सभा चुनावों में हासिये पर आ गई बसपा के लिए डीडीसी की यह सफलता संजीवनी जैसी है। चित्रकूट जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल सीटें 17 हैं। जिसमें से 4 सीटें भाजपा, 5 सीटें सपा, 6 सीट बसपा को और अन्य/निर्दलीय ने 2 सीट जीती हैं। उपरोक्त आकंड़े मतगणना की सूचना पर आधारित हैं। तीन सीटों में दो पर डकैतों के परिजन का कब्जा है।

हमीरपुर जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल 17 सीटें हैं। जिसमें भाजपा के चार, सपा के चार, बसपा के दो, निषाद पार्टी से एक और छह निर्दलीय प्रत्याशी जीते। जिले में किसी भी जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी का आपराधिक रिकार्ड नहीं है, न ही इनके परिवार से जुड़े लोगों का हैं। औरैया जिले में जिला पंचायत सदस्य की कुल सीटें 23 हैं। जिसमें से 5 सीटें भाजपा, 10 सीटें सपा, 4 सीट बसपा, 5 सीटें और अन्य/निर्दलीय ने 4 सीट जीती हैं। भाग्यनगर ब्लॉक से सपा समर्थित व सपा युवजन सभा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव चुनाव जीते।

जिला प्रशासन ने इनके ऊपर कई अपराधिक मामले होने के कारण इन्हें जिला बदर कर दिया था और गैंगस्टर की कार्रवाई में जेल में निरूद्ध हैं। वहीं भाग्य नगर प्रथम से आकांक्षा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत चुनाव जीती है। इनके पति उदयवीर के ऊपर कई मुकदमें होने के जिला बदर की कार्रवाई की है।