बाहुबली मुख्‍तार को रास्‍ते में मारने की थी साजिश, विधायक ने दी थी 50 लाख की सुपारी

स्टेटडेस्क : बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को आज सुबह पंजाब की रोपड़ जेल से यूपी की बांदा जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। इस दौरान उसकी हत्‍या न हो जाए। इसकी आशंका व्‍यक्‍त की जाती रही लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस आशंका और इससे जुड़े कयासों ने साल 2015 की एक घटना की याद दिला दिया है। जिसमें दावा किया गया था कि बिहार के एक बाहुबली विधायक ने 50 लाख रुपये में एक अपराधी को मुख्‍तार की हत्‍या की सुपारी दी थी। इस साजिश को अंजाम देने के लिए बाकायदा उस अपराधी को जेल से भगाया गया था। बाद में अपराधी की गिरफ्तारी के बाद यह राज खुला था। यह कहानी पुलिस की फाइलों में दर्ज है। आप को ज्ञात होगा कि बिहार के एक बाहुबली नेता जो भोजपुर जिले के एक विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। मुख्‍तार अंसारी को अपने रास्‍ते से हटाना चाहते थे।


उन्‍होंने बिहार की आरा जेल में बंद एक कुख्‍यात बदमाश लंबू शर्मा को मुख्‍तार की हत्‍या की सुपारी दी थी। इसके लिए उसे जेल से भगाने की पूरी साजिश भी रची गई थी। 23 जनवरी 2015 को लंबू को न्‍यायिक हिरासत से भगाने के लिए आरा के सिविल कोर्ट परिसर में मानव बम का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन साजिश नाकामयाब हो गयी थी। क्योकि भागने के कुछ दिनों बाद ही वह दिल्‍ली पुलिस के हाथ लग गया था। इसमें लंबू शर्मा को जेल से भगाने के लिए उसकी प्रेमिका नगीना को मानव बम बनाने की साजिश रची गयी थी। दावा किया जाता है कि नगीना को धोखे में रखकर यह काम करवाया गया। उसे पता नहीं था कि उसका इस्‍तेमाल मानव बम की तरह किया जाएगा। बम के धमाके के बीच मची अफरातफरी के माहौल में लंबू न्‍यायिक हिरासत से फरार हो गया था। लेकिन फरारी के कुछ महीने बाद ही 23 जून 2015 को दिल्‍ली पुलिस ने उसे धर दबोचा। उसके पकड़े जाने के बाद बिहार व यूपी और दिल्‍ली पुलिस को उसकी फरारी के पीछे के मकसद का पता चला।

तब इस पूरे खेल में बिहार के बाहुबली विधायक के अलावा उत्‍तर प्रदेश के एक और बाहुबली बृजेश सिंह का भी हाथ होने की बात सामने आई थी। लंबू को दबोचने वाली दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया था। कि वह मुख्तार के कत्‍ल की साजिश का अहम हिस्सा था। दिल्‍ली पुलिस ने दावा किया था कि उसे जेल से भगाने में भोजपुर जिले के अंतर्गत पीरो विधानसभा क्षेत्र के बाहुबली विधायक नरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ सुनील पांडेय ने महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पुलिस के मुताबिक मुख्तार अंसारी को जेल से कोर्ट ले जाते वक्‍त बम धमाके में मार देने की साजिश रची गई थी। इसके लिए आरा कोर्ट की ही तरह मानव बम का इस्‍तेमाल किया जाना था। इस पूरी साजिश में मुख्‍तार के एक करीबी के भी शामिल होने की बात सामने आई थी। मुख्‍तार गैंग का सबसे बड़ा दुश्‍मन बृजेश सिंह इस पूरी साजिश को लीड कर रहा था।

साजिश में खुद पर लगे आरोपों से विधायक ने हमेशा इनकार किया। कोर्ट में भी उनके खिलाफ कोई ठोस सुबूत प्रस्‍तुत नहीं किया जा सका। पिछले दिनों उत्‍तर प्रदेश के जेल मंत्री ने साफ तौर पर कहा था। कि पुलिस मुख्‍तार को यूपी जेल तक सुरक्षित लाने के लिए पूरी रणनीति से काम कर रही है। इसके बावजूद बाहुबली विधायक के परिवार को रास्‍ते में उसकी हत्‍या की आशंका थी। मुख्‍तार पर पहले भी हमले हो चुके हैं। इसे देखते हुए यूपी पुलिस ने मुख्‍तार को लाने के लिए भारी-भरकम टीम को लगाया था। बहरहाल बुधवार को जब मुख्तार अंसारी को पंजाब की जेल से यूपी की बांदा जेल तक सुरक्षित तरीके से शिफ्ट कर दिया गया। तो उसके परिवार के साथ-साथ पुलिस ने भी राहत की सांस ली। बिहार में भी मुख्‍तार की जेल शिफ्टिंग की चर्चा कम नहीं रही।