अग्निकांड की घटना रोकने के लिए व्यवहारिक जीवन में अपनाये उपाय

उन्नाव/शिवम शुक्ला : गर्मी की तपन बढ़ने के साथ अग्निकांड की घटनाओं को रोकने के लिए लोग जागरूक हो और सावधानी बरते। यह निर्देश प्रभारी जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने यहां हुयी बैठक में व्यक्त किया। उन्होने रोकथाम हेतु एहतियाती उपायो को अपनाये जाने पर बल देते हुए कहा है कि अग्निकाण्ड से बचाव हेतु आपदा प्रबंधन के दिशा निर्देशों का पालन जरुरी है।


इसके द्वारा आगजनी की घटनाओं को रोका जा सकता है, इसलिये सभी लोग इसका पालन करें और अपने व्यवहारिक जीवन में भी रोकथाम की उपायो को अपनाये। जिससे कि किसी प्रकार की क्षति को रोका जा सके। प्रभारी जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी ने इसी क्रम में बताया है कि गर्मी के दिनों में जब तेज पछुआ हवा चलती है तो हमारे गांवों में आग लगी की घटनाएं बड़े पैमाने पर होती हैं।

फलतः हमारे घर, खेत, खलिहान एवं जान-माल को आग लगी से भारी क्षति पहुँचती है। उन्होने बताया है कि रसोई घर यदि फूस का हो तो उसकी दीवाल पर मिट्टी का लेप अवश्य लगा दें। रसोई घर की ऊँची रखी जाये। आग बुझाने के लिए घर में बोरे में भरकर बालू अथवा मिट्टी तथा दो बाल्टी पानी अवश्य रखें। हवन आदि का काम सुबह 9 बजे से पहले सम्पन्न कर लें। शार्ट सर्किट की आग से बचने के लिए बिजली वायरिंग की समय पर मरम्मत करा ले।

मवेशियों को आग से बचाने के लिए मवेशी घर के पास पर्याप्त मात्रा में पानी का इंतजाम रखें एवं उनकी निगरानी अवश्य करते हैं। पटाखे जलाते समय पानी की बाल्टी तथा रेत की पर्याप्त व्यवस्था रखें। जहाँ तक संभव हो गर्मियों में दिन का खाना 9 बजे सुबह से पूर्व बना लें तथा रात का खाना शाम 6 बजे के बाद बनाएँ। ग्रामीण क्षेत्रों मे हरा गेहूं, छीमी भी बच्चे भुनते हैं। ऐसे में आग लगने से बचने के लिए उनपर निगरानी रखें।

आग लगने पर सर्वप्रथम समुदाय के सहयोग से आग बुझाने का प्रयास करें। आवश्यकता होने पर आग बुझाने हेतु फायर बिग्रेड (101 नम्बर) एवं प्रशासन को तुरंत सूचित करे एवं उन्हें सहयोग करें। अगर कपड़ों में आग लगे तो जमीन पर लेटकरध्लुढ़क कर बुझाने का प्रयास करें। बिजली के लूज तारों से निकली चिनगारी भी आग लगने का कारण बन जाती है।

जहाँ कहीं लूज तार दिखे उसकी सूचना बिना देर किये ऊर्जा विभागध्संबंधित बिजली कंपनी के अभियंताओं को दे। दीपक (दीया), लालटेन, मोमबत्ती को ऐसी जगहों पर न रखें जहाँ से गिरकर आग लगने की संभावना हो। कटनी के बाद खेत में छोड़ डंठलों में आग नहीं लगायें। घर में किसी भी उत्सव के लिए लगाये कनात अथवा टेन्ट के नीचे से बिजली के तार को न ले जाये।

जहाँ पर सामूहिक भोजन बनाने इत्यादि का कार्य हो रहा हो, वहाँ पर दो से तीन ड्रम पानी अवश्य रखें। भोजन बनाने का कार्य तेज हवा के समय नहीं करें। जलती हई माचिस की तीली अथवा अधजली बीडी एवं सिगरेट पीकर इधर-उधर न फेकें। खाना बनाते समय डीले-ढाले और पॉलिस्टर के कपड़े पहनकर खाना न बनायें। हमेशा सूती कपड़ा पहनकर ही खाना बनाये। सार्वजनिक स्थलों, ट्रेनों एवं बसों आदि में ज्वलनशील पदार्थ लेकर न चले।