आगामी त्यौहारों को शान्तिपूर्वक मनाये जाने के जिलाधिकारी ने दिये निर्देश

उन्नाव/शिवम : कोरोना वायरस से जनपद को सुरक्षित तरीके से रखकर आगामी 28, 29 मार्च को होने वाले त्यौहार होली/शबे बरात को शांत पूर्वक तरीके से मनाये जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री रवीन्द्र कुमार एवं पुलिस अधीक्षक श्री आन्नद कुलकर्णी ने संयुक्त रूप से जनपदीय शान्ति समिति (पीस कमेटी) के प्रतिनिधियों एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को स्थानीय पन्नालाल हाल में सम्बोधित करते हुये कहा कि कोविड प्रोटोकाल का कडाई से पालन करते हुये त्यौहार मनाया जाये।


जिलाधिकारी ने उपस्थित पीस कमेटी के सदस्यों से कहा कि कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ रहा है। किसी भी प्रकार का जुलूस आदि न निकाला जाये। धार्मिक आयोजक विगत वर्षों को ध्यान में रखते हुये फिर से विचार करके ही त्यौहार मनाये। त्यौहार मेें बाहर से भी लोग अपने घर आते है उनकी अधिक से अधिक जांच करायी जाये। सभी को सर्तक रहने की आवश्यकता है। उचित होगा कि प्रतिकात्मक/संक्षिप्त रूप से त्यौहारों को मनाये। उन्होंने कहा कि होली/बरात त्यौहारों को देखते हुये कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन कराना आवश्यक है। सोशल मीडिया से सर्तकता एवं सुरक्षा बनाये रखना है। त्यौहारों में समुदायों में होने वाले विवादों को ध्यान में रख कर किसी तरह का हुडदुंग न होने पाये सूझ बूझ के साथ मनाये जाने के उद्देेश्य से आमजन मानस में सोशल मीडिया, व्हाट्स्प के माध्यम से जागरूक करने पर बल दिया गया।

जिलाधिकारी ने सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों, थानाध्यक्षों तथा अधिशाषी अधिकारियों को निर्देश दिये है कि पूर्व की भांति बनाये गये हैल्प डेस्क सक्रिय किये जाये। सार्वजनिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों को लगाया जाये। लोगों में जागरूकता लायी जाये की कोरोना वायरस से बचने के लिये मास्क का प्रयोग, सोशल डिस्टेंसिंग, समय-समय पर साबुन से हाथ धोना जैसे कोविड प्रोटोकाल के बारे में जागरूक किया जाये। उसके बावजूद भी यदि शिथिलता बरती जाये तो ऐसे लोगो के विरूद्ध जुर्माना जैसी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। पुलिस अधीक्षक श्री आन्नद कुलकर्णी ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये कि त्यौहारों को पूरे शांत पूर्वक तरीके से मनायें जाने की रूप रेखा अभी से तैयार कर ली जाये। प्रत्येेक चैराहों पर जहा आवश्यक हो बैरीयर लगाया जाये। अनावश्यक आने जाने वालों से गहनता से पूछ-ताछ की जाये। होली त्यौहार के सवेदन शीलता को ध्यान में रखकर जुलूस आदि निकालने की अनुमति दी जाये। विगत वर्षो में जहा भी विवाद हुये हो ऐसे स्थानों को चिन्हित कर लिया जाये। असमाजिक तत्वों पर कडी नजर रखी जाये आवश्यक हो तो सुसंगत धारा के तहत पाबन्द भी किया जाये।