उन्नाव : बन्दी सुधार गृह वर्तमान में बन्दी प्रताड़ना गृह साबित हो रहे हैं, पढ़िये क्या है मामला

उन्नाव/शिवम शुक्ला : समाज में अपराध जनित कृत्य करने वालो के लिए भारतीय संविधान में स्थापित किये गये बन्दी सुधार गृह वर्तमान में बन्दी प्रताड़ना गृह साबित हो रहे हैं। जहां सजायाफ्ता तो दूर एक-दो दिन के लिए वारन्ट पर जेल भेजे जाने वाले कैदियो से भी अमानुषिक व्यवहार किया जाता है। ऐसा ही एक मामला जिले में कोरोना काल में बनायी गयी अस्थायी जेल राजकीय महाविद्यालय बक्खाखेड़ा का प्रकाश में आया है।


जहां गैर जमानती वारन्ट पर एक दिन की आंशिक जेल काटने के लिए माननीय न्यायालय द्वारा भेजे गये एक युवक को जेल में तैनात दरोगा व सिपाहियो पूरे अपराध की सजा खुद ही दे डाली। तीसरे दिन जमानत पर छूटे युवक के शरीर पर मिले स्याह निशान स्वयं पुलिस ज्यादती की कहानी बयां कर रहे हैं।

शहर उन्नाव के मोहल्ला इन्दिरा नगर निवासी ममता द्विवेदी पत्नी नरेश द्विवेदी ने प्रभारी निरीक्षक को प्रार्थनापत्र देकर बताया लगाया कि उसके भाई ज्ञानू शुक्ला पुत्र रामऔतार शुक्ला निवासी ग्राम व पोस्ट पटियारा उन्नाव के विरूद्ध मोटर एक्सीडेन्ट का एक मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है।

जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा वारन्ट का आदेश पारित कर दिया है। गत 2 अप्रैल को थाना कोतवाली पुलिस उसके भाई को घर से पकड़ लायी थी तथा 3 अप्रैल को जमानत हेतु प्रार्थनापत्र माननीय न्यायालय में दिया गया था परन्तु न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण जमानत नहीं हो सकी और पुलिस ने उसके भाई को को अस्थाई जेल राजकीय महाविद्यालय बक्खाखेड़ा भेज दिया।

जहां पर तैनात उपनिरीक्षक व सिपाही ने उसके भाई से जेल का शौचालय व गंदगी साफ करने को कहा जिसपर उसके भाई ने विरोध किया और कहा कि मै कोई सजायाफ्ता मुजरिम नहीं हूं लेकिन इतना कहना उसके लिए इस कदर भारी पड़ गया कि क्रोधित दरोगा व सिपाही ने उसे बुरी तरह से लाठियों से पीटा। जिससे उसका भाई बेसुध हो गया।

6 अप्रैल को उसकेे भाई की जमानत मंजूर हुई और जब रिहाई के लिए वह बक्खाखेड़ा पहुंची तो भाई बेसुध होलत में उसके सुपुर्द किया गया। जो कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं था तो उसने सोंचा कि डर की वजह से नहीं बोल रहा है और घर लेकर चली आयी।

जहां उसके कपड़े उतारने पर उसके शरीर पर लाठियों के सैकड़ों निशान पड़े थे। तब उसके भाई ने पूरी घटना बतायी। पीड़िता ने आरोप है कि बक्खाखेड़ा जेल में तैनात दरोगा व सिपाही द्वारा बेवजह उसके भाई के साथ मारपीट की गयी है और दरोगा व सिपाही के विरूद्ध कार्यवाही की मांग की गयी है।