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पटना साहिब के मुख्य ग्रंथी राजेन्द्र सिंह का निधन

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स्टेट डेस्क/दिवाकर श्रीवास्तव। तख्तश्री हरिमन्दिरजी पटना साहिब के मुख्य ग्रंथी राजेन्द्र सिंह का पटना के पीएमसीएच अस्पताल में इलाज के दौरान आज सुबह निधन हो गया। मुख्य ग्रंथी राजेंद्र सिंह पटना साहिब गुरुद्वारा कैंपस के आवास में 13 जनवरी को सुबह 8 बजे संदिग्ध अवस्था में अपने कमरे में खून से लथपथ मिले थे।

इसके बाद आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल भर्ती किया गया था। पटना साहिब गुरुद्वारा की सुरक्षा में बीएमपी के कॉन्स्टेबल के साथ कई सब इंस्पेक्टर की तैनाती की गई है। पटना साहिब गुरुद्वारा में संदिग्ध अवस्था में मुख्य ग्रंथि राजेंद्र सिंह का गर्दन में कृपाण से सुसाइड करने का मामला 13 जनवरी को प्रकाश में आया था। पुलिस अनुसंधान कर इस पूरे मामले की जांच कर रही है और आज अचानक मुख्य ग्रंथि राजेंद्र सिंह का मृत्यु की सूचना मिली।

पटना साहिब गुरुद्वारा की सुरक्षा में बीएमपी के 14 कॉन्स्टेबल के साथ कई सब इंस्पेक्टर की तैनाती की गई है। पटना साहिब गुरुद्वारा में संदिग्ध अवस्था में मुख्य ग्रंथी भाई राजेंद्र सिंह का गर्दन पर हमला करने का मामला 13 जनवरी को प्रकाश में आया था, जिसके बाद पुलिस मनोवैज्ञानिक तरीके से पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि हमला किसने किया था, उसका कुछ पता नहीं चल सका है।

मुख्य ग्रंथी राजेन्द्र सिंह के साथ रहे पुत्र दया सिंह ने बताया कि पिता की तबीयत में तेजी से सुधार हो रहा था। रात में उन्हें दाल का पानी भी दिया गया। वह इशारों को समझने भी लगे थे। अचानक देर रात सांस लेने में तकलीफ होने पर डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद 2:45 में उन्होंने अंतिम सांस ली। पुत्र ने बताया कि अब शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट सही यह पता चल पाएगा कि उन्होंने खुद से गले में कृपाण से हमला कर आत्महत्या करने का प्रयास किया था या किसी ने उन पर हमला कर हत्या की है। पुत्र ने बताया कि पोस्टमार्टम होने के बाद पार्थिव शरीर को तख्त साहिब में लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा देर शाम उनका अंतिम संस्कार खाजेकाला घाट पर किया जाएगा।

मुख्य ग्रंथी के निधन की खबर मिलते ही सिख समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष अवतार सिंह हित महासचिव इंद्रजीत सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने शोक व्यक्त किया है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य एवं पूर्व महासचिव महेंद्र पाल सिंह ढिल्लो, सरदार राजा सिंह एवं त्रिलोक सिंह निषाद समेत कई अन्य ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्य ग्रंथी पर हुए हमले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि गुरुद्वारा परिसर स्थित उनके कमरे के बिस्तर पर वह खून से लथपथ संदिग्ध हालत में आखिर कैसे पड़े मिले।

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