नालंदा में दो दशक से फल-फूल रहा साइबर ठगी का धंधा, यौन वर्धक दवाओं से शुरू हुआ था कारोबार, अब नवादा के युवा हैं सक्रिय

नवादा

नवादा (रवीन्द्र नाथ भैया) नालंदा का कतरीसराय सालों पहले यौन वर्धक दवाईयां, चर्म रोग के खात्मे समेत अन्य जटिल रोगों को जड़ से ठीक करने के नाम पर लोगों को डाक के माध्यम से दवाईयां भेज कर ठगने का कार्य किया जाता था। दवाई के नाम पर ठगी के धंधे में लिप्त लोगों द्वारा विभिन्न भाषाओं के जानकारों को रखकर संबंधित डाकघर से सांठगांठ कर लाखों की ठगी किया करते थे। समयान्तराल धंधा थोड़ा मंद हुआ तब क्षेत्र के युवाओं ने साइबर ठगी को हथियार बना अपना कारोबार को रफ्तार दिया।

दो दशक पहले जब कीपैड मोबाइल फोन प्रचलन में आया, तो चेहरा पहचानो इनाम पाओ, विभिन्न प्रकार के लाटरी जीतने, अक्षर मिलाओ इनाम पाओ जैसे लोकलुभावन विज्ञापन जारी कर ठगने का कार्य शुरू किया गया। रुपये ठगने का तकनीक जो दो दशक पहले तक कतरीसराय व उसके इर्द-गिर्द गांवों में फैला था। धीरे धीरे वारिसलीगंज, काशीचक, पकरीबरावां सहित नवादा, शेखपुरा व अन्य जिलों तक पहुंच गया है। इलाके के सैकड़ों पढ़े लिखे युवा वर्ग साइबर अपराध में लिप्त होकर कम समय में लाखों, करोड़ों के मालिक बन चुके हैं।

वारिसलीगंज की सीमा से सटा शेखपुरा जिले का शेखोपुर सराय, नालंदा के गिरियक, कतरीसराय के छोटे बड़े दर्जनों गांवों के कम पढ़े लिखे और उच्च शिक्षा प्राप्त इंजीनियरिंग, एमबीए ,बीएससी, बीसीए सहित अन्य टेक्निकल शिक्षा प्राप्त कर चुके होनहार युवा अपना भविष्य इस ठगी के धंधेबाज में बर्बाद कर रहे हैं।
उच्च शिक्षा प्राप्त कर बेरोजगार युवा ठगी को अपना रोजगार बनाकर बड़ा मकान व कई लग्जरी वाहनों के स्वामी बनकर मालामाल हो रहे हैं। यही कारण है कि साइबर अपराध के रास्तों पर चलकर अनेकों युवा अपने सुनहरे सपने को साकार करना चाहते हैं।

हर ठगी के तकनीक को पुराना होने के बाद बदल देने वाले ठग झारखंड के जामताड़ा की तरह नई- नई तकनीक का उपयोग कर लोगों को ठगने में लगे हैं।
नौकरी का झांसा देने, पेट्रोल पंप आवंटित कराने, एटीएम या खाता बंद होने की जानकारी देकर व दूसरे तरीके से लोगों से एक बार में लाखों रुपये ठग लेते हैं।
साल भर से नई तकनीक एटीएम क्लोनिंग, बड़ी बड़ी कंपनियों की एजेंसी देने, ब्रांडेड कंपनी का शो रूम, गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप का आवंटन आदि के माध्यम से लोगों को झांसा देकर बैंक खाते में रुपये मंगवाकर गायब हो रहे हैं।

वारिसलीगंज थाना अध्यक्ष आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ रहे साइबर अपराध को देखते हुए जिले में अलग से साइबर थाना संचालित किया गया है। जबकि, हर थाने में साइबर गिरोह के सजाए को ले साइबर एक्सपर्ट टीम चौकस है। साइबर बदमाशों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है।