27-28 अगस्त को तेज वर्षा एवं वज्रपात की संभावना, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने किया सतर्क

बेतिया

डीएम ने नदियों के जलस्तर, तटबंधों एवं निम्न क्षेत्र के बसावटों की निगरानी तथा माइकिंग से लोगों को सतर्क करने निदेश दिया

बेतिया/अवधेश कुमार शर्मा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बिहार के पश्चिम चम्पारण ज़िला व अन्य में 27-28 अगस्त 2022 को तेज वर्षा, वज्रपात एवं मेघगर्जन की सतर्कता बरतने को निर्देशित किया है। उपर्युक्त चेतावनी के दृष्टिगत डीएम कुंदन कुमार ने भारी वर्षा, मेघ गर्जन, वज्रपात के प्रभाव से निपटने को प्रभारी पदाधिकारी, जिला आपदा कोषांग, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचल पदाधिकारी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ को अलर्ट मोड में रहकर सुरक्षात्मक सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि सभी अनुमंडल पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में नदियों के जलस्तर आदि पर नजर बनाये रखेंगे तथा सुरक्षात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। एसडीएम, बगहा वाल्मीकिनगर गंडक बराज के जलस्तर की प्रॉपर निगरानी एवं प्रत्येक दो घंटे के अंतराल पर पानी डिस्चार्ज से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। जिला पदाधिकारी ने कहा कि सभी सीओ, संबंधित कार्यपालक अभियंता को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखेंगे। तथा तटबंधों की नियमित निगरानी करेंगे। सभी सीओ को निदेश दिया गया कि माईकिंग के माध्यम से आमजन को अत्यधिक भारी बारिश, तेज आँधी, वज्रपात से बचाव को जागरुक करेंगे।

किसानों एवं तटवर्ती इलाकों में निवास करने वाले लोगों को सुरक्षित स्थलों पर निवास करने, घरों में रहने के संबंध में माइकिंग के माध्यम से जागरूक करने का निदेश दिया गया है। साथ ही सभी आश्रय स्थलों पर सभी व्यवस्थाएं अद्यतन रखने को निदेशित किया है। जिला आपदा प्रभारी को निदेशित किया गया कि मौसम विज्ञान विभाग के जारी निदेश तथा संभावित बाढ़ के दृष्टिगत एसडीआरएफ की टीम को सभी आवश्यक संसाधनों के साथ पूरी सतर्कता बरतना सुनिश्चित करेंगे, जिससे विषम परिस्थिति में जान-माल की सुरक्षा की जा सके। सभी सीओ को नाव, नाविकों की समुचित व्यवस्था करने का निदेश भी डीएम ने दिया है।

जिला वासियों से अपील करते हुए डीएम ने कहा है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अत्यधिक वर्षा मेघ गर्जन, वज्रपात को लेकर सतर्कता के निदेश को गंभीरता पूर्वक लें। जिलावासी उचित सावधानी एवं सुरक्षा के उपाय बरतें। बिजली चमकने या गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई देने के बाद किसान तथा नागरिक पक्के घर में शरण लें।

तटवर्ती इलाकों में निवास करने वाले व्यक्ति इस दौरान सुरक्षित स्थलों पर चले जाएं। नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने पर सभी ऊँचे स्थानों पर आ जाएं। घरों में रहें, अपने तथा अपने परिवार के बचाव के लिए सतर्क रहें। आंधी-तूफान के दौरान अपने बच्चों को घरों में रखें, उन्हें बाहर नहीं जाने दें। किसान अपने पशुओं को खुले में नहीं बांधे, सुरक्षित स्थलों पर रखें।

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