बीपी डेस्क। आज 77वां गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान गांधी ने मैदान में तिरंगा फहराया। उनके साथ सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी समारोह में मौजूद रहे। तिरंगे को सलामी देने के बाद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान गांधी मैदान में परेड की सलामी ली। इस बार 21 टुकड़ियों की परेड निकाली गई।
राज्यपाल ने उल्लेखनीय कार्य करने वाले जवानों को पुरस्कार दिया। इसमें भोजपुर के लेफ्टिनेंट जनरल रामचंद्र तिवारी को सात लाख 50 हजार रुपये, पूर्णिया के शशिभूषण कुमार को, समस्तीपुर के मेजर जनरल अखिलेश कुमार को शामिल हैं। बिहार सरकार के 12 विभागों की आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं।
इनमें सरकार की विभिन्न योजनाओं, विकास कार्यों और सामाजिक संदेशों को खूबसूरती से प्रस्तुत किया जाएगा। इन झांकियों में कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा “परंपरा से संरक्षण तक”, परिवहन विभाग की “नारी शक्ति, राष्ट्र शक्ति”, विधि विभाग की “स्वच्छ पर्यावरण, सशक्त भारत”, जीविका की “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना”, पर्यटन विभाग की “मां जानकी जन्मस्थली,
पुनौरा धाम”, ऊर्जा विभाग की “कजरा सोलर परियोजना”, सहकारिता की “विकसित पैक्स, विकसित बिहार”, अग्निशमन की “कर्तव्य पर अडिग”, कृषि विभाग की “तेलहन से समृद्धि”, शिक्षा विभाग की “सुरक्षित विद्यालय, उज्ज्वल भविष्य”, उद्योग विभाग की “समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार” तथा मद्य निषेध विभाग की “नशा मुक्त बिहार, सशक्त परिवार” जैसी विषयवस्तुएं शामिल हुईं।
परिवहन विभाग की झांकी पहले नंबर पर रही। इन झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। सीएम नीतीश कुमार ने भी इन झांकियों की खूब तारीफ की। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने बिहार के लोगों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। कहा कि 77 वर्ष पूर्व देश में गौरवशाली संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य स्थापित हुआ और संसदीय व्यवस्था पर आधारित शासन की नींव रखी गई।
संविधान के माध्यम से राष्ट्र के सभी नागरिकों के लिए सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय तथा विचार अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता सुनिश्चित हुई है। संविधान के द्वारा प्रदत्त प्रतिष्ठा और अवसर की समानता तथा लोगों को गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराने के सिद्धान्त हमारे पथ प्रदर्शक हैं। इन्हीं के सहारे देश के सर्वांगीण विकास की परिकल्पनायें पूरी हो रही हैं।
राज्यपाल ने कहा कि बिहार सरकार ने समाज हर वर्ग के विकास के लिए काम किया है। लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए सरकार काम कर रही है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि बिहार सरकार महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोड़ दिया गया है। महिलाओं को रोजगार देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं।
वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकाय में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण की शुरुआत की गई है। वर्तमान में पुलिस में महिलाओं की संख्या 30 हजार है, जो देश में सबसे अधिक है। 2016 से सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35% आरक्षण दिया गया है। 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर विशेष सहायता गठन किया गया, जिसे जीविका कहा गया।
वर्ष 2024 से शहरी क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया। यह लगातार जारी है। राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से बड़ी संख्या में स्कूल खोले गए। शिक्षकों की नियुक्ति की गई। 2023 से बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से बड़े पैमाने शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। अब राज्य में पांच लाख 24 हजार शिक्षक हैं। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार इस दिशा में काम कर रही है।
