बीपी डेस्क। राष्ट्रीय जनता दल में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर उत्साह का माहौल है। तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने को राजद में ‘तेजस्वी युग’ की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है। वहीं, लालू प्रसाद यादव अब मार्गदर्शक की भूमिका में दिखाई देंगे. राजद के लिए यह केवल पद का बदलाव नहीं, बल्कि पीढ़ीगत नेतृत्व हस्तांतरण का संकेत है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि तेजस्वी इस जिम्मेदारी को किस तरह निभाते हैं और पार्टी को किस दिशा में ले जाते हैं।
वहीं तेजस्वी ने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनते ही बड़ा बयान दिया है। तेजस्वी यादव ने साफ शब्दों में कहा है कि वो किसी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। साथ ही तेजस्वी यादव का इस दौरान दर्द भी छलका। तेजस्वी ने कहा कि 2015 में उनके चुनाव जीते के बाद उन्हें साजिश के तहत केस में फंसाया गया। जिस वक्त का मामला है तब वो नाबालिग थे इसके बाद भी उन्हें केस में फंसा दिया गया।
इसके साथ ही तेजस्वी ने बड़ा खुलासा भी किया है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि 2022 में जब सीएम नीतीश एनडीए से गठबंधन तोड़कर महागठबंधन में शामिल हुए तो उन्होंने राबड़ी आवास में कई नेताओं के सामने हाथ-जोड़कर लालू यादव और राबड़ी देवी से माफी मांगी थी और कहा था कि इस बार गलती हो गई आगे से वो ऐसी गलती नहीं करेंगे।
दरअसल, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने राजनीतिक जीवन, संघर्ष और मौजूदा हालात पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन की पहली राजनीतिक यात्रा कर्पूरी ठाकुर से आशीर्वाद लेकर शुरू की थी। उस समय उनके पास कोई पद नहीं था लेकिन वो आगे बढ़े। तेजस्वी यादव ने कहा कि वर्ष 2012-13 में साजिश के तहत लालू प्रसाद यादव को जेल भेजा गया। उस कठिन दौर में राबड़ी देवी के नेतृत्व में उन्होंने यात्रा निकालकर पूरे बिहार का दौरा किया।
इसके बाद 2014 का लोकसभा चुनाव आया, जिसमें उन्होंने पहली बार प्रचार की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2015 में उन्हें पहली बार चुनाव लड़ने का मौका मिला, जिसमें वे विजयी रहे और राजद के नेतृत्व में सरकार भी बनी। उन्होंने 2017 का जिक्र करते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव के खिलाफ संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल कर और साजिश के तहत मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा गया। इसके बाद उनके और उनके परिवार के खिलाफ भी झूठे मुकदमों का सिलसिला शुरू हुआ।
तेजस्वी ने कहा कि नाबालिग रहते हुए भी उन्हें आरोपी बनाया गया और आज तक ये मामले चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज तक केस-मुकदमा-पेशी जारी है। तेजस्वी यादव ने बताया कि 2019 और 2020 के बीच राजद ने “दवाई, पढ़ाई, सिंचाई और कार्रवाई” जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ा और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इसके बावजूद सरकार नहीं बनी और उन्हें विपक्ष में रहना पड़ा। 2022 में फिर से सत्ता में वापसी हुई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर एक ही लक्ष्य था। 2024 में भाजपा को सत्ता में आने से रोकना। उन्होंने बताया कि इसी सोच के तहत लालू प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार को फिर से अपनाया।
