बिहारशरीफ में अपराध का शिकार हुआ युवक, बेरहमी से हत्या, दो दिनों से था लापता, नदी से मिला शव

नालंदा

बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय: नालंदा पुलिस के मुखारविंद से अपराध पर जीरो टॉलरेंस की बात को अपराधी लगातार चुनौती दे रहे हैं। पुलिस कुछ भी नहीं कर पा रही है। डकैती, चोरी व हत्याओं का दौर इन दोनों खूब चर्चा में है। अपराधी अपनी मजबूत उपस्थिति का एहसास कराते हुए एक बार फिर एक बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम दिया है।

पिछले दो दिनों से लापता एक 18 वर्षीय युवक की बेरहमी पूर्वक हत्या कर लाश को नदी में फेंक दिया। मामला बिहारशरीफ के नगर थाना से जुड़ा है। नगर थाने की पुलिस कहती है कि परिजनों द्वारा गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

शहर से सटे गोइठवा नदी से डेड बॉडी बरामद किया गया है। मृतक की पहचान रामजी चक गांव निवासी स्वर्गीय मुन्नू पासवान के पुत्र अमरेंद्र कुमार के रूप में की गई है।

2 दिन पूर्व शाम में टहलने निकला था युवक तभी से था गायब
परिजनों के अनुसार अमरेंद्र मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे घर से टहलने के लिए निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजन चिंतित हो उठे। परिजनों ने पूरी रात व अगले दिन गांव के हर कोने, खाई और नदी में तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। गुरुवार दोपहर कुछ बच्चों ने नदी में शव देखे जाने की सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने कपड़ों, बेल्ट और पैरों की बनावट से उसकी पहचान की।

क्रूरता की हद पार, पहचान मिटाने की साजिश
मृतक के भाई रणधीर कुमार ने बताया कि अमरेंद्र की हत्या बेहद बेरहमी से की गई। हत्यारों ने उसकी पहचान छिपाने के लिए चेहरे को बुरी तरह कुचल दिया था। शरीर पर पेट्रोल डालकर जलाने के निशान भी मिले हैं। दांत टूटे हुए थे और चेहरा इस कदर क्षत-विक्षत कर दिया गया था कि पहचान करना मुश्किल हो गया था। अमरेंद्र अगले वर्ष इंटर (12वीं) की परीक्षा देने वाला था और उसका स्वभाव बेहद शांत था।

पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर सह बिहार थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचें और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया। पुलिस ने बताया कि पहले ही युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।