बराव में गूंजा महाराणा प्रताप का जयघोष, युवाओं को वीरता और स्वाभिमान का दिया संदेश

सासाराम

अरविंद सिंह। नोखा प्रखंड के बराव गांव में शनिवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। गांव स्थित महायोगी पायलट बाबा के प्रांगण में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और गणमान्य लोगों ने भाग लेकर महाराणा प्रताप के साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद किया। कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में देशभक्ति और वीरता का माहौल बना रहा।

समारोह की अध्यक्षता पूर्व मुखिया हरीराज सिंह ने की, जबकि संचालन रामेश्वर मास्टर और पिंटू सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व मुखिया हरीराज सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य रविशंकर सिंह, आकाश रंजन सिंह, बिट्टू कुमार, मुखिया प्रतिनिधि बबलू गुप्ता एवं विवेक कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महान योद्धा थे, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी आत्मसमर्पण नहीं किया। उन्होंने मातृभूमि, स्वतंत्रता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन संघर्ष में बिताया। हल्दीघाटी का युद्ध उनके अदम्य साहस और पराक्रम का प्रतीक है।

वक्ताओं ने कहा कि जंगलों में कठिन जीवन व्यतीत करने के बावजूद महाराणा प्रताप ने संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ा और अपने स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। कार्यक्रम में युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपनाने और राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में समाज को एकता, साहस और देशभक्ति की सबसे अधिक आवश्यकता है, और महाराणा प्रताप का जीवन इन मूल्यों की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर महाराणा प्रताप जयंती समिति के अध्यक्ष आकाश रंजन सिंह, उपाध्यक्ष बिट्टू अजीत सिंह, पिंटू अजीत सिंह, विकेश सिंह, बबलू सिंह, दुर्गेश सिंह, मनीष कुमार, जयप्रकाश, शेखर, सौरभ सिंह, रणजीत सिंह, छोटू सिंह, अभिमन्यु सिंह, प्रमोद सिंह, सोनू सिंह, मुन्ना सिंह, अभय कुमार सिंह, कृष्ण सिंह, पूर्व मुखिया अनिल सिंह, सुमंत कुमार, सुनील कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में राष्ट्रभक्ति और आपसी एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।