Bihar Politics : आलोक सिंह बने RLM के प्रदेश अध्यक्ष, इनको सौंपी गई जिम्मेदारी, देखिए लिस्ट

पटना

बीपी डेस्क। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने रालोमो के कई नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी है। उपेंद्र कुशवाहा ने दिनारा विधानसभा सीट से विधायक आलोक कुमार सिंह को रालोमो का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्ति किया है तो वहीं प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। साथ ही हिमांशु पटेल को प्रधान महासचिव और निवर्तमान प्रभारी प्रदेश अध्यक्ष मदन चौधरी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संगठन बनाया गया है।

वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में विधायकों की नाराजगी को लेकर चल रही अटकलों के बीच पार्टी सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष समेत कई अहम पदों पर नियुक्तियों का ऐलान किया गया। उपेंद्र कुशवाहा ने दिनारा विधायक आलोक कुमार सिंह को RLM का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की।

इसके साथ ही संगठन को मजबूती देने के लिए प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी को कार्यकारी अध्यक्ष,हिमांशु पटेल को प्रधान महासचिव, जबकि मदन चौधरी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी में नाराजगी के सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी में किसी तरह की कोई नाराजगी नहीं है।

उन्होंने कहा कि नाराजगी से जुड़ी खबरें उन्हें केवल मीडिया के माध्यम से ही मिल रही हैं। विधायक रामेश्वर महतो के प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद न रहने के सवाल पर कुशवाहा ने कहा कि यह कोई विधायक दल की बैठक नहीं थी, इसलिए सभी विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य नहीं थी।

वहीं, नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह ने भी संगठन में किसी तरह की खींचतान से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है। संगठनात्मक फेरबदल के जरिए RLM नेतृत्व ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी आंतरिक संतुलन और मजबूती के साथ आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो आलोक सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का फैसला केवल संगठनात्मक नहीं, बल्कि रणनीतिक भी माना जा रहा है। आलोक सिंह शाहाबाद क्षेत्र से आते हैं, जहां RLM अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहती है।

साथ ही इसे जातीय संतुलन साधने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है। उपेंद्र कुशवाहा जहां कुशवाहा समाज से आते हैं, वहीं आलोक सिंह राजपूत समुदाय से हैं। ऐसे में कुशवाहा–राजपूत समीकरण के जरिए पार्टी अपने सामाजिक आधार का विस्तार करना चाहती है।

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