बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : नालंदा जिले के लहेरी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पुलिसकर्मी बताकर आम लोगों और वाहन चालकों से अवैध वसूली करता था। आरोपी यातायात नियमों के उल्लंघन का डर दिखाकर लोगों से मोटी रकम ऐंठता था। पुलिस ने उसके पास से पुलिस की वर्दी, जूते, टोपी समेत कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं।
लहेरी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने बताया कि गुरुवार की शाम गश्ती के दौरान पुलिस टीम नाजो मॉल के पास पहुंची थी। इसी दौरान एक टोटो चालक घबराया हुआ पुलिस टीम के पास पहुंचा और बताया कि एक युवक खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसे बंधक बनाकर घुमा रहा है। चालक ने आरोप लगाया कि युवक कभी बिहार थाना तो कभी लहेरी थाना क्षेत्र में लेकर घूम रहा था और चालान काटने के नाम पर 25 हजार रुपये की मांग कर रहा था।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और संदिग्ध युवक की तलाश शुरू की गई। पुलिस वाहन को देखते ही युवक भागने लगा, लेकिन गश्ती दल ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान दीपनगर थाना क्षेत्र के डुमरावां निवासी विपिन पासवान के रूप में हुई।
पुलिस ने जब आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें पुलिस की वर्दी पहने उसकी कई तस्वीरें मिलीं। इसके बाद पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पता चला कि आरोपी ने घर के एक कमरे को कार्यालय की तरह सजा रखा था। वहां से पुलिस की दो-तीन सेट वर्दी, जूते, कैप और अन्य सामान बरामद किए गए।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले डेढ़ से दो वर्षों से फर्जी पुलिसकर्मी बनकर बाइक और टोटो चालकों को डरा-धमकाकर ठगी करता आ रहा था। हालांकि अब तक उसके खिलाफ कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी और यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसने कुल कितनी राशि की ठगी की है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि उसने पुलिस की वर्दी और अन्य साजो-सामान कहां से प्राप्त किए। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
इस कार्रवाई में लहेरी थाना के एसआई सर्वेश कुमार, ऋतु रंजन और नीतीश रंजन समेत पुलिस बल की अहम भूमिका रही। पुलिस अब आरोपी के अन्य संभावित शिकारों और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच में जुट गई है।
