ग्रामीण बच्चों को मिलेगी शहरों जैसी शिक्षा : मंत्री श्रवण कुमार
बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : बेन प्रखंड अंतर्गत गुरुशरणपुर गांव में रविवार को सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल (आदर्श विद्यालय) का उद्घाटन ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, अभिभावक, विद्यालय परिवार तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
उद्घाटन के बाद मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है। मॉडल स्कूल की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधन, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि गांव के बच्चों को भी शहरों जैसी उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाएं मिलें, ताकि संसाधनों के अभाव में किसी भी प्रतिभा को पीछे नहीं रहना पड़े।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार कार्य कर रही है। विद्यालयों में आधारभूत संरचना का विकास, स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षण, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता और नई शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे और वह अपने जीवन में सफलता हासिल कर राज्य और देश का नाम रोशन करे।
मंत्री ने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन का पालन करने तथा आधुनिक तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने की अपील की। वहीं अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और उनकी पढ़ाई में सहयोग करने का आग्रह किया।
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि मॉडल स्कूल में छात्रों के लिए स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर कक्ष, समृद्ध पुस्तकालय और बेहतर फर्नीचर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक एवं तकनीक आधारित शिक्षा का लाभ मिलेगा।
उद्घाटन के बाद छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने विद्यालय में उपलब्ध नई सुविधाओं पर खुशी जताई, वहीं अभिभावकों ने कहा कि अब क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
इस मौके पर शिक्षा विभाग के पदाधिकारी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
