महिलाओं, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की होगी विशेष जांच; पहचान के बाद उपचार और फॉलोअप पर जोर
बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : एनीमिया मुक्त बिहार विशेष अभियान के तहत मंगलवार को बिहारशरीफ सदर अस्पताल के सभागार में विशेष जांच अभियान की शुरुआत की गई। 25 अगस्त से 30 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान का पटना से ऑनलाइन शुभारंभ होने के बाद नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार ने स्थानीय स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं के बीच अभियान की शुरुआत की।
इस अवसर पर सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि अभियान के दौरान विशेष रूप से महिलाओं और किशोरियों में खून की कमी की जांच की जाएगी। जांच के माध्यम से एनीमिया की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि शरीर में खून की कमी को नजरअंदाज करने से कमजोरी समेत कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जांच और उपचार के लिए जागरूक करें।
जांच के बाद मिलेगा उपचार और फॉलोअप
सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह ने बताया कि एनीमिया शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा सामान्य से कम होने की स्थिति है। इसका प्रमुख कारण शरीर में आयरन की कमी माना जाता है। महिलाओं, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों में एनीमिया का खतरा अधिक रहता है।
अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों तक पहुंचकर एनीमिया की जांच की जाएगी। जांच में खून की कमी पाए जाने पर जरूरत के अनुसार आयरन-फोलिक एसिड की दवा उपलब्ध कराने के साथ खान-पान में सुधार के लिए परामर्श दिया जाएगा।
अभियान के तहत जांच, परामर्श, उपचार और फॉलोअप पर विशेष जोर रहेगा। एनीमिया की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति को चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। उपचार के बाद नियमित फॉलोअप के जरिए मरीज के स्वास्थ्य में सुधार की भी निगरानी की जाएगी।
पौष्टिक आहार के लिए किया जाएगा जागरूक
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनीमिया की रोकथाम के लिए लोगों को संतुलित और पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक किया जाएगा। हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, चना, गुड़, तिल और आयरन युक्त अन्य खाद्य पदार्थों के सेवन पर जोर दिया जाएगा। भोजन के साथ विटामिन-सी युक्त पदार्थ लेने से शरीर में आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
लोगों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां लेने के लिए भी जागरूक किया जाएगा।
कई विभागों का लिया जाएगा सहयोग
अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, जीविका और पंचायती राज समेत अन्य संबंधित विभागों का सहयोग लिया जाएगा। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अन्य मैदानी कर्मी घर-घर पहुंचकर लोगों को अभियान से जोड़ने के साथ एनीमिया की पहचान, उपचार और फॉलोअप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अभियान से संबंधित बैनर में जांच, परामर्श, उपचार और फॉलोअप की पूरी प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई है, ताकि लोगों को अभियान के उद्देश्य और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी मिल सके।
कार्यक्रम में अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्याम कुमार निर्मल, जिला डाटा सहायक उज्जवल कुमार, लेखापाल सुरजीत कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।
