बीपी डेस्क। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर बिहार सरकार द्वारा राज्य स्तर पर संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य के अनुसूचित जाति आबादी वाले सभी टोलों में सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की शत-प्रतिशत (100%) संतुष्टि सुनिश्चित करना है।
अभियान की मुख्य गतिविधियाँ:
- जिला स्तर से पंचायत स्तर तक कलश यात्रा (18 से 20 अगस्त, 2026) आयोजित की जाएगी, जिसका मार्ग निर्धारण संबंधित जिला अधिकारी करेंगे।
- श्री संत रविदास विकास शिविर (27 अगस्त, 2026 से 15 फरवरी, 2027): प्रत्येक गुरुवार को अनुसूचित जाति टोलों/क्लस्टर के पास स्थित सरकारी भवनों या मैदानों में विकास शिविर लगेंगे।
- सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) वाहन: सितंबर से अक्टूबर 2026 के बीच प्रत्येक प्रमंडल में 1-1 IEC वैन (कुल 9 वैन) के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
- शैक्षणिक व खेल गतिविधियाँ: जिला स्तर पर अंतर-विद्यालय खेल प्रतियोगिता, साइकिल रैली, वाद-विवाद, निबंध, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, तथा 3D प्रिंटिंग, AI एवं Industry 4.0 से संबंधित विशेष कौशल विकास प्रशिक्षण आयोजित होंगे।
- कल्याणकारी पहल: प्रखंड स्तर पर ‘श्री गुरु रविदास कल्याण सेवा केंद्र’ और आवासीय विद्यालयों में ‘रविदास हाउस’ की स्थापना की जाएगी, साथ ही संत शिरोमणि श्री रविदास जी के नाम पर पुरस्कार भी प्रारंभ किए जाएंगे।
विकास शिविरों के माध्यम से राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, औपचारिक शिक्षा हेतु दाखिला, आंगनवाड़ी, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता, ई-श्रम/श्रमिक कार्ड, आयुष्मान भारत/स्वास्थ्य कार्ड, पीएम आवास योजना, वास-भूमि बंदोबस्ती, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं, बुनियाद केंद्र की सुविधाएं, हर घर नल-जल, पक्की गली-नाली, मनरेगा जॉब कार्ड, पीएम जन-धन/जीवन ज्योति/सुरक्षा बीमा, बिजली कनेक्शन, जीविका समूह और लोहिया स्वच्छता अभियान जैसी 22 प्रमुख योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा।
मुख्य सचिव, बिहार श्री प्रत्यय अमृत के प्रमुख निर्देश:
- समयबद्ध माइक्रो-प्लानिंग: सभी जिलों के जिला अधिकारी 24 अगस्त 2026 तक प्रखंडवार रोस्टर एवं माइक्रो-प्लान तैयार करना सुनिश्चित करें।
- पूर्व-आवेदन व वितरण: शिविर से पूर्व आवेदन प्राप्त कर उनका निष्पादन किया जाए तथा शिविर स्थल पर लाभ का वितरण किया जाए।
- स्थानीय स्तर पर प्रचार: विकास मित्र के माध्यम से शिविर की तिथि एवं स्थल की जानकारी प्रत्येक टोले में प्रसारित की जाए और जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए।
- प्रशासनिक उपस्थिति: जिलाधिकारी एवं SP अनिवार्य रूप से एक-एक शिविर की अध्यक्षता करेंगे। इसके अलावा, DM व SP डॉ. बी.आर. अंबेडकर आवासीय विद्यालयों तथा छात्रावासों का प्रेरणादायी दौरा करेंगे।
- विभागीय समन्वय: जिला कल्याण अधिकारी एवं प्रखंड कल्याण अधिकारी क्रमशः जिला व प्रखंड स्तर पर समन्वय का कार्य संभालेंगे।
