पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता के तीन ठिकानों पर विजिलेंस की छापेमारी

नालंदा

बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : पथ निर्माण विभाग के खगड़िया में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता संजय कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में शुक्रवार को विजिलेंस की टीम ने एक साथ तीन ठिकानों पर छापेमारी की। टीम ने पटना, नालंदा और खगड़िया स्थित उनके ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की।
विजिलेंस के अनुसार, कार्यपालक अभियंता संजय कुमार और उनकी पत्नी के नाम पर करीब 13 प्लॉट होने की जानकारी सामने आई है।

छापेमारी के दौरान विभिन्न ठिकानों से नकदी, आभूषण और जमीन-जायदाद से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। विजिलेंस डीएसपी शशि शेखर ने बताया कि खगड़िया स्थित इंजीनियर के सरकारी आवास से करीब 81 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। सरकारी आवास से आभूषण भी मिले हैं।

बिहारशरीफ के पैतृक घर में करीब छह घंटे चली जांच

नालंदा के बिहारशरीफ स्थित सोहसराय थाना क्षेत्र के बॉलिपर मोहल्ले में संजय कुमार के पैतृक घर पर विजिलेंस की टीम ने करीब छह घंटे तक छापेमारी की। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे चार सदस्यीय टीम जांच के लिए पहुंची थी। स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। बाद में विजिलेंस के डीएसपी विकास श्रीवास्तव भी वहां पहुंचे। छापेमारी के दौरान टीम ने घर में मौजूद जमीन-जायदाद के कागजात, बैंक पासबुक, लॉकर की चाबियां और विभिन्न वित्तीय संस्थानों में निवेश से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों के साथ फोटो कॉपी मशीन भी लाई गई थी, जिससे आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां तैयार की गईं।

300 से 350 ग्राम सोना और 250 ग्राम चांदी मिलने का दावा
जांच के दौरान घर से नकदी और दस्तावेजों के अलावा बड़ी मात्रा में आभूषण भी मिले। सोने और चांदी के आभूषणों का मूल्यांकन कराने के लिए विजिलेंस अधिकारियों ने स्थानीय आभूषण विशेषज्ञ को मौके पर बुलाया। श्री ज्वेलर्स के प्रतिनिधि अरुण कुमार ने बताया कि अधिकारियों के बुलाने पर उन्होंने आभूषणों का वजन और मूल्यांकन किया। उनके अनुसार, करीब 300 से 350 ग्राम सोना और लगभग 250 ग्राम चांदी मिली है। वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर सोने की कीमत करीब 18 से 18.5 लाख रुपये और चांदी की कीमत करीब 68 हजार रुपये आंकी गई है।

भाई ने कहा- आय से अधिक संपत्ति का आरोप गलत

छापेमारी के दौरान घर में मौजूद कार्यपालक अभियंता के छोटे भाई इन्द्रदेव कुमार ने आय से अधिक संपत्ति के आरोप को गलत और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि छापेमारी के समय उनके बड़े भाई घर पर नहीं हैं और खगड़िया में ड्यूटी पर हैं।

घर में आने-जाने पर लगाई रोक

विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान घर की घेराबंदी कर दी गई थी। किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने और घर के सदस्यों को बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। रोजाना काम करने पहुंची सिमरन कुमारी को भी टीम ने घर के बाहर से ही वापस लौटा दिया। सिमरन ने बताया कि वह रोज की तरह काम करने आई थी, लेकिन टीम ने उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।

उसने घर के अंदर पुलिस बल के साथ अधिकारियों को जांच करते हुए देखा। फिलहाल पटना, नालंदा और खगड़िया में विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान बरामद संपत्ति, दस्तावेजों और अन्य सामान का विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही बरामदगी और संपत्ति के संबंध में विस्तृत स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।