नालंदा में अब SH-78 पर भी लगेगा टोल, नूरसराय में बनेगा प्लाजा

नालंदा बिहारशरीफ

NH-20 के पैठना टोल से बचने वालों को अब वैकल्पिक रास्ते पर भी देना होगा शुल्क, राजगीर जाने वाले पर्यटकों की जेब पर भी पड़ेगा असर

बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय। नालंदा में एनएच-20 के बाद अब स्टेट हाईवे-78 पर भी टोल टैक्स की तैयारी शुरू हो गई है। बिहार सरकार के स्टेट हाईवे पर टोल वसूली के फैसले के तहत बिहटा-सरमेरा पथ (SH-78) पर नूरसराय के पास टोल प्लाजा बनाए जाने की तैयारी है। इससे इस मार्ग से आवागमन करने वाले वाहन चालकों के साथ-साथ राजगीर जाने वाले पर्यटकों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

दरअसल, NH-20 के पैठना टोल प्लाजा के शुरू होने के बाद कई वाहन चालक टोल से बचने के लिए SH-78 का इस्तेमाल करने लगे हैं। इसके कारण इस सड़क पर यातायात का दबाव पहले की तुलना में 20 गुना से अधिक बढ़ने की बात सामने आई है। अब इसी बढ़े हुए ट्रैफिक के बीच सरकार ने SH-78 पर भी टोल वसूली की तैयारी की है।

SH-78 नालंदा के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यह कॉरिडोर नूरसराय होते हुए पटना, मोकामा और हाजीपुर की ओर आवागमन में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर का इस्तेमाल कर राजगीर पहुंचने वाले पर्यटकों को भी प्रस्तावित टोल का सामना करना पड़ सकता है। यानी NH-20 के पैठना टोल से बचकर राजगीर या दूसरे इलाकों की ओर जाने वालों के लिए अब वैकल्पिक रास्ता भी पूरी तरह मुफ्त नहीं रहेगा।

जानकारी के अनुसार, बिहार में स्टेट हाईवे पर टोल व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया चल रही है और नवंबर-दिसंबर 2026 के आसपास टोल वसूली शुरू होने का अनुमान जताया गया है। टोल शुल्क की दरें और प्लाजा संचालन से जुड़ी अंतिम जानकारी अलग से निर्धारित की जाएगी।

इसका असर सबसे अधिक नियमित यात्रियों, व्यावसायिक वाहनों और राजगीर आने-जाने वाले पर्यटकों पर पड़ सकता है। वहीं सरकार के लिए टोल से प्राप्त राशि सड़क रखरखाव और परिवहन ढांचे के विकास में उपयोग किए जाने की उम्मीद है।