27 जुलाई से राज्यभर के बीडीओ काली पट्टी बांधकर कर रहे सरकारी कार्य, मुख्यमंत्री से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग
बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : छपरा में विधि-व्यवस्था ड्यूटी के दौरान दो प्रखंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) के गंभीर रूप से घायल होने की घटना के विरोध में बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ (बीआरडीएसए) ने राज्य सरकार के समक्ष अधिकारियों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा घटना के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
संघ ने घायल अधिकारियों के प्रति एकजुटता और अपनी मांगों के समर्थन में 27 जुलाई से राज्यभर के सभी प्रखंड विकास अधिकारियों द्वारा बांह पर काली पट्टी बांधकर सरकारी कार्य करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में सोमवार से विभिन्न जिलों में बीडीओ काली पट्टी बांधकर अपने कार्यालयों में कार्य कर रहे हैं।
संघ द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 25 जुलाई को छपरा में विधि-व्यवस्था संधारण के दौरान छपरा सदर के प्रखंड विकास अधिकारी दृष्टि पाठक गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी एक आंख की रोशनी चली गई है और उनका इलाज पटना स्थित आईजीआईएमएस में चल रहा है। वहीं रिविलगंज के प्रखंड विकास अधिकारी रितेश कुमार के सिर में गंभीर चोट आई है। सर्जरी के बाद उनका इलाज पटना के मेदांता अस्पताल में चल रहा है और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
संघ का आरोप है कि सारण के जिलाधिकारी और उप विकास आयुक्त ने बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, बिना बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट तथा पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराए दोनों अधिकारियों को अत्यधिक संवेदनशील स्थल पर विधि-व्यवस्था ड्यूटी के लिए भेज दिया, जिसके कारण यह घटना हुई।
बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ ने राज्य सरकार के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सभी प्रखंड कार्यालयों में बीडीओ के लिए बॉडी प्रोटेक्टर, दंगा रोधी हेलमेट, शील्ड, लेग गार्ड और आर्म गार्ड उपलब्ध कराने, प्रत्येक बीडीओ के साथ कम से कम दो प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की स्थायी प्रतिनियुक्ति, ड्यूटी के दौरान घायल होने पर मुफ्त उच्चस्तरीय इलाज, विशेष क्षतिपूर्ति एवं बीमा नीति लागू करने, संवेदनशील ड्यूटी के लिए मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) निर्धारित करने तथा छपरा की घटना में लापरवाही के लिए सारण के जिलाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त की जवाबदेही तय करने की मांग शामिल है।
संघ ने कहा है कि अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल राज्यभर में बीडीओ काली पट्टी बांधकर अपने नियमित शासकीय कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं।
