बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : सावन की दूसरी सोमवारी पर सोमवार को बिहारशरीफ शहर समेत आसपास के इलाकों में भगवान शिव की भक्ति चरम पर रही। सुबह सूर्योदय से पहले ही श्रद्धालु स्नान कर पूजा की थाली और जलपात्र लेकर शिवालयों की ओर निकल पड़े। धनेश्वर धाम, हिरण्येश्वर धाम, जंगलिया बाबा मंदिर, अभयनाथ मंदिर, सिद्धेश्वरनाथ मंदिर समेत विभिन्न शिव मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजते रहे।

सोमवारी के दिन श्रद्धालुओं ने सबसे पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण किए। इसके बाद पूजा की सामग्री लेकर मंदिर पहुंचे। कई श्रद्धालु अपने घरों से गंगाजल लेकर आए तो कुछ ने स्थानीय जलस्रोतों से जल भरकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल और दूध अर्पित किया। इसके बाद बेलपत्र, सफेद फूल, आक-धतूरा, भांग, फल, मिठाई और प्रसाद चढ़ाकर पूजा-अर्चना की।
शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय श्रद्धालु ‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने मंदिर में बैठकर महामृत्युंजय मंत्र और शिव चालीसा का पाठ किया। वहीं, कुछ भक्तों ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराया। रुद्राभिषेक के दौरान जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक किया गया।
सुबह से ही मंदिरों में पहुंचने लगे श्रद्धालु :
सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं में सुबह से ही विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाएं पूजा की थाली सजाकर मंदिर पहुंचीं। थाली में जल, दूध, बेलपत्र, फूल, अक्षत, चंदन, धतूरा, भांग, फल और मिठाई रखी गई थी। युवाओं और बच्चों में भी भगवान शिव के प्रति आस्था दिखी। कई श्रद्धालु परिवार के साथ मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा की।
मान्यता के अनुसार सावन में भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी आस्था के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सोमवार का व्रत रखा। व्रत रखने वाले भक्तों ने दिनभर फलाहार किया और शाम को भगवान शिव की पूजा के बाद व्रत खोला।
धनेश्वर धाम में विशेष पूजा-अर्चना :
धनेश्वर धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने कतार में लगकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध और जल चढ़ाने के बाद बेलपत्र, फूल और धतूरा अर्पित किया। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के साथ भक्ति गीत और शिव स्तुति से माहौल भक्तिमय बना रहा।
हिरण्येश्वर धाम में भी लगी भक्तों की कतार :
हिरण्येश्वर धाम में भी सावन की दूसरी सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। दूर-दराज से पहुंचे भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन कर जलाभिषेक किया। कई श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की। महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर परिवार के लिए मंगलकामना की।
जंगलिया बाबा मंदिर में गूंजता रहा हर-हर महादेव :
जंगलिया बाबा मंदिर में भी सुबह से भक्तों की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाया। कई भक्तों ने मंदिर परिसर में बैठकर शिव चालीसा और मंत्रों का पाठ किया। बाबा के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और दूसरों के बीच भी प्रसाद बांटा।
अभयनाथ और सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में भी उमड़ा सैलाब :
अभयनाथ मंदिर और सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में भी दूसरी सोमवारी को श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर पहुंचने वाले भक्तों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर बेलपत्र, फूल, धतूरा और प्रसाद अर्पित किया। कई श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराया। मंदिरों में घंटे और शंख की ध्वनि के बीच श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करते रहे।
भोलेनाथ को चढ़ाए बेलपत्र और धतूरा :
सावन में शिव पूजा के दौरान बेलपत्र का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालुओं ने तीन पत्तियों वाले बेलपत्र को शिवलिंग पर अर्पित किया। इसके अलावा धतूरा, आक के फूल और भांग भी चढ़ाए गए। कई श्रद्धालुओं ने दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक किया। पूजा के बाद भगवान शिव को फल, मिठाई और अन्य प्रसाद अर्पित किया गया।
सोमवारी को लेकर शहर के प्रमुख शिव मंदिरों के आसपास सुबह से ही धार्मिक माहौल बना रहा। ‘बोल बम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय नजर आया।
