प्रभात कुमार। पटना में आरक्षण के मुद्दे को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है। ‘आरक्षण बढ़ाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ बड़ी तादाद में प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान जेपी गोलंबर के सामने अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई प्रदर्शनकारी पुलिस की बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि नौकरी में एससी-एसटी वर्ग के कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक दिया जाए।
इसके साथ ही प्रदर्शनकारी आबादी के अनुपात में आरक्षण की सीमा बढ़ाने की मांग पर भी अड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि समाज के विभिन्न तबकों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। इसी आधार पर आरक्षण का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि वंचित और पिछड़े वर्गों को शिक्षा, रोजगार तथा सरकारी सेवाओं में पर्याप्त हिस्सेदारी मिल सके।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमर आजाद ने कहा कि अब दलितों के साथ-साथ सवर्ण वर्ग को भी आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। ऐसे में उनकी मांग है कि जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण का दायरा बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी जेपी गोलंबर से आगे बढ़कर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
अमर आजाद ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी रास्ते में लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए सीएम आवास तक पहुंचेंगे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अब निगाह इस बात पर टिकी है कि प्रदर्शनकारी आगे क्या कदम उठाते हैं और प्रशासन आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए क्या कार्रवाई करता है।
