मुख्यमंत्री ने बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के नवनिर्मित हैंगर का किया उद्घाटन, चार प्रशिक्षुओं को कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) प्रमाण-पत्र प्रदान

पटना

बीपी डेस्क। मुख्यमंत्री, बिहार द्वारा आज दिनांक 18 जुलाई, 2026 को पटना स्थित बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट (Bihar Flying Institute – BFI) के नवनिर्मित अत्याधुनिक हैंगर का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर संस्थान से सफलतापूर्वक कमर्शियल पायलट लाइसेंस (Commercial Pilot Licence – CPL) प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले चार प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र एवं एपॉलेट (Epaulettes) प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव , पर्यटन मंत्री श्री केदार प्रसाद गुप्ता , मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार , लोकेश कुमार सिंह , निलेश रामचंद्र देवरे के साथ अन्य गणमान्य एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले प्रशिक्षुओं के नाम निम्नलिखित हैं—
● कैप्टन कुमार धैर्य
● कैप्टन सोनल मान सिंह
● कर्ण कुमार भारती
● कैप्टन जिनियस विवेक

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के अवसरों का निरंतर विस्तार कर रही है। विमानन क्षेत्र देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में से एक है और प्रशिक्षित पायलटों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट राज्य के युवाओं को कम लागत पर विश्वस्तरीय उड़ान प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट करियर के अवसर प्रदान कर रहा है।

बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का गौरवशाली इतिहास
बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट, बिहार सरकार के सिविल विमानन विभाग के अधीन संचालित पूर्वी भारत के सबसे पुराने एवं प्रतिष्ठित विमानन प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है। इसकी स्थापना वर्ष 1940 में बिहार फ्लाइंग क्लब के रूप में की गई थी। लगभग आठ दशकों से अधिक समय से यह संस्थान देश के विमानन क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित पायलट तैयार करता रहा है तथा अनेक प्रशिक्षु आज विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों तथा विमानन संस्थानों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

संस्थान का प्रमुख उद्देश्य बिहार सहित देश के इच्छुक युवाओं को अत्यंत रियायती शुल्क पर उच्च गुणवत्ता का उड़ान प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, जिससे आर्थिक रूप से सामान्य परिवारों के प्रतिभाशाली युवाओं को भी विमानन क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर प्राप्त हो सके।

आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ
वर्तमान में बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में 24 प्रशिक्षु प्राइवेट पायलट लाइसेंस (Private Pilot Licence – PPL) तथा 28 प्रशिक्षु कमर्शियल पायलट लाइसेंस (Commercial Pilot Licence – CPL) का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
प्रशिक्षण हेतु संस्थान के पास वर्तमान में चार अत्याधुनिक Cessna 172R प्रशिक्षण विमान उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से प्रशिक्षुओं को डीजीसीए (DGCA) के निर्धारित मानकों के अनुरूप उड़ान प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण में ग्राउंड स्कूल, उड़ान संचालन, एयर नेविगेशन, विमान नियमावली, मौसम विज्ञान, विमान प्रणालियों की जानकारी तथा व्यावहारिक उड़ान प्रशिक्षण सहित सभी आवश्यक पहलुओं को सम्मिलित किया गया है।

नवनिर्मित हैंगर से बढ़ेगी संस्थान की क्षमता
नवनिर्मित हैंगर के उद्घाटन से बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की आधारभूत संरचना और अधिक सुदृढ़ होगी। इससे प्रशिक्षण विमानों के सुरक्षित रख-रखाव (Maintenance), पार्किंग, तकनीकी निरीक्षण तथा मरम्मत संबंधी सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही प्रशिक्षण गतिविधियों का बेहतर संचालन संभव होगा तथा भविष्य में संस्थान में विमानों की संख्या एवं प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
यह नई अवसंरचना संस्थान को आधुनिक विमानन प्रशिक्षण आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

मुज़फ़्फ़रपुर में प्रस्तावित सैटेलाइट कैंपस
राज्य सरकार द्वारा बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुज़फ़्फ़रपुर हवाईअड्डे पर बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का एक सैटेलाइट कैंपस स्थापित किए जाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इस संबंध में बिहार सरकार एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के मध्य आवश्यक संस्थागत सहयोग की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।

मुज़फ़्फ़रपुर हवाईअड्डे का विकास भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS-UDAN) के अंतर्गत किया जा रहा है। हवाईअड्डे के नए टर्मिनल भवन एवं रनवे के विकास कार्यों की निविदा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा निष्पादित की जा चुकी है, जिसके फलस्वरूप भविष्य में यह हवाईअड्डा आधुनिक विमानन प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए उपयुक्त आधारभूत संरचना उपलब्ध कराएगा।

सैटेलाइट कैंपस की स्थापना से बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की प्रशिक्षण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा राज्य के उत्तर बिहार क्षेत्र के युवाओं को अपने क्षेत्र के निकट ही गुणवत्तापूर्ण उड़ान प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा। इससे राज्य में प्रशिक्षित पायलटों की संख्या बढ़ाने, विमानन क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

विमानन क्षेत्र में बिहार की नई दिशा
बिहार सरकार राज्य में नागरिक उड्डयन अवसंरचना के समग्र विकास हेतु प्रतिबद्ध है। राज्य में नए हवाईअड्डों के विकास, मौजूदा हवाईअड्डों के विस्तार, क्षेत्रीय हवाई संपर्क को सुदृढ़ बनाने तथा विमानन प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से बिहार को पूर्वी भारत के एक महत्वपूर्ण विमानन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का सुदृढ़ीकरण तथा इसके प्रशिक्षण नेटवर्क का विस्तार इसी व्यापक दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे राज्य के युवाओं को उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण, बेहतर रोजगार के अवसर तथा वैश्विक विमानन उद्योग में प्रतिस्पर्धी स्थान प्राप्त हो सकेगा।