बीपी डेस्क। सम्राट चौधरीआज शुक्रवार को बिहार विधानसभा में विश्वास मत पेश करेंगे. बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी और इसे उनकी सरकार की पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा मानी जा रही है. 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.
बैठक की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार के संबोधन से होगी. इसके बाद मुख्यमंत्री विश्वास मत का प्रस्ताव सदन में रखेंगे. प्रस्ताव में कहा जाएगा कि ‘यह सभा वर्तमान मंत्रिपरिषद में विश्वास व्यक्त करती है.’ इसके बाद इस पर विस्तृत चर्चा होगी.
वहीं सबसे पहले विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव अपनी बात रखेंगे. इसके बाद अन्य दलों के नेता भी चर्चा में हिस्सा लेंगे. सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों को गिनाएगा, जबकि विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा. ऐसे में सदन का माहौल गरम रहने की संभावना है.
243 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट खाली है, इसलिए 242 सदस्यों के आधार पर मत विभाजन होगा. NDA के पास 201 विधायकों का समर्थन है, जबकि विपक्ष के पास 41 सदस्य हैं. स्पष्ट बहुमत के कारण सरकार की स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है. इतने बड़े बहुमत को देखते हुए मतदान की संभावना कम है.
माना जा रहा है कि सरकार ध्वनि मत से ही विश्वास हासिल कर सकती है. इस बार भाजपा ने व्हीप भी जारी नहीं किया है, बावजूद इसके सरकार को कोई खतरा नजर नहीं आ रहा.
विश्वास मत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री सदन को संबोधित करेंगे और अपनी सरकार की योजनाओं व नीतियों का रोडमैप पेश करेंगे. सरकार इसे ‘नेतृत्व परिवर्तन’ के संदेश के रूप में दिखाना चाहती है और पूर्व की नीतियों को आगे बढ़ाने पर जोर देगी.
