बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय। नालंदा जिले के राजगीर थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक (SI) देवकांत कुमार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने शनिवार को 90 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
शिकायत की जांच में आरोप सही पाया गया
मामला तब सामने आया जब राजगीर स्थित मौसम हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर रवि शंकर सिंह ने पटना स्थित निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि एक केस में राहत दिलाने के नाम पर दारोगा उनसे मोटी रकम की मांग कर रहे थे। निगरानी विभाग ने गुप्त जांच कराई, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सत्य पाई गई।
निगरानी टीम ने बिछाया जाल, रंगे हाथ गिरफ्तारी
सत्यापन के बाद निगरानी विभाग ने विशेष टीम गठित कर जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार, जैसे ही डॉक्टर ने 90 हजार रुपये दारोगा को दिए, सादे लिबास में मौजूद टीम ने तत्काल उसे गिरफ्तार कर लिया। हाथ धुलवाने पर केमिकल के कारण दारोगा के हाथ गुलाबी हो गए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता सबूत माना जाता है।
दारोगा ने आईफोन और नकद की भी थी मांग
पीड़ित डॉक्टर के अनुसार, दारोगा ने पहले साढ़े तीन लाख रुपये कीमत का आईफोन या महंगा सैमसंग फोन और 50 हजार रुपये नकद की मांग की थी। यहां तक कि उसने यह भी कहा कि यह रकम डीएसपी तक पहुंचानी है। बाद में सौदेबाजी कर रिश्वत की रकम 90 हजार रुपये तय की गई।
लोकेशन बदलकर बुलाया, फिर दबोचा गया
दारोगा ने पहले राजगीर के कैलाश आश्रम के पास मिलने को कहा, लेकिन वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को देखकर सतर्क हो गया और स्थान बदलकर राजगीर के रिलायंस ट्रेंड्स के पास सुनसान जगह पर डॉक्टर को बुलाया।
जैसे ही डॉक्टर वहां पहुंचे और पैसे दिए, निगरानी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया। पटना ले गई टीम, आगे की कार्रवाई जारी गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी दारोगा को अपने साथ पटना ले गई, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
