पीएम मोदी ने राज्यसभा में कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष को जमकर घेरा, संबोधन में क्या बोले, पढ़िए…

दिल्ली

सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस और विपक्ष को जमकर घेरा. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष पर शायराना अंदाज में भी हमला बोला. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, टीएमसी समेत सभी विपक्षी पार्टियों को घेरा.

पीएम मोदी ने संबोधन के दौरान विपक्ष के वॉकआउट पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग थक गए, वो चले गए हैं लेकिन उन्हें जवाब देना पड़ेगा कि इतने सालों तक देश की ऐसी हालत क्यों बनाए रखी थी?

राज्यसभा में अपने संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि ‘विकसित भारत की यात्रा में पिछले साल देश के तेजी से विकास के साल रहे हैं. यह जीवन के हर क्षेत्र में, समाज के हर वर्ग में बदलाव का दौर रहा है. देश सही दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.’

विकसित भारत: 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है और दूसरा क्वार्टर शुरू हो गया है. पिछली शताब्दी में भारत की आजादी की जंग में दूसरा क्वार्टर बहुत ही निर्णायक था. मैं साफ-साफ देख रहा हूं कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में दूसरा क्वार्टर भी उतना ही सामर्थ्यवान होने वाला है. उतना ही तेज गति से आगे बढ़ने वाला है.

आज भारत कई देशों का भरोसेमंद पार्टनर है और हम दुनिया की भलाई के लिए अपनी भूमिका निभा रहे हैं. आज पूरी दुनिया ग्लोबल साउथ की बात करती है लेकिन उस चर्चा में मुख्य किरदार के तौर पर, आज भारत ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर ग्लोबल साउथ की एक मज़बूत आवाज बनकर उभरा है.

ट्रेड डील: बड़े-बड़े देश भारत के साथ व्यापार संबंध बनाने के लिए बहुत उत्सुक हैं. चाहे वह यूरोपियन यूनियन के साथ ट्रेड डील हो या अमेरिका के साथ हाल ही में हुई डील. पूरी दुनिया इन ट्रेड डील्स की खुलकर तारीफ कर रही है. जब हमने EU के साथ ट्रेड डील साइन की, तो दुनिया को ग्लोबल स्थिरता की ज्यादा संभावना पर ज्यादा भरोसा हुआ.

अमेरिका के साथ ट्रेड डील के बाद, दुनिया को और भी ज्यादा भरोसा हुआ कि स्थिरता के साथ-साथ वे तेजी भी महसूस कर सकते हैं. यह दुनिया के लिए एक पॉजिटिव संकेत है. आज भारत अनेक देशों के साथ भविष्य के लिए तैयार ट्रेड डील साइन कर रहा है. पिछले कुछ समय में हमने दुनिया के 9 बड़े और महत्वपूर्ण देशों के साथ ट्रेड डील साइन की हैं.

बोफोर्स डील की बात होती थी: तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छुपाओगे… कांग्रेस हो, टीएमसी हो, डीएमके हो, लेफ्ट हो… ये दशकों से केंद्र में सत्ता में रहे हैं, सत्ता के भागीदार रहे हैं. राज्यों में भी उन्हें सरकारें चलाने का अवसर मिला है.

लेकिन उनकी पहचान क्या बनी? उन्होंने सिर्फ अपनी जेब भरने का काम किया, नागरिकों के जीवन में बदलाव लाना, उनकी प्राथमिकता नहीं थी. आज डील की चर्चा होती है तो गर्व से कहते हैं और तब डील की चर्चा होती थी तो बोफोर्स डील आ जाता था… ये डील होते थे.

रिफॉर्म एक्सप्रेस: हमारी एनर्जी का एक बड़ा हिस्सा पिछली गलतियों को सुधारने में खर्च हो रहा है. उस दौर में दुनिया के मन में जो इमेज बनी थी, उसे मिटाने में बहुत मेहनत लगती है, उन्होंने चीजों को इतनी खराब हालत में छोड़ दिया था. इसीलिए हमने भविष्य के लिए तैयार नीतियों पर ज़ोर दिया है.

आज देश पॉलिसी और स्ट्रैटेजी के आधार पर चलाया जा रहा है. भारत पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है. ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर चलते हुए हम आगे बढ़े हैं, और आज सच्चाई यह है कि देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो गया है.

ममता सरकार पर हमला: हमारे टीएमसी के साथियों ने काफी कुछ कहा. जरा खुद तो अपने गिरेबां में देखिए. पश्चिम बंगाल में निर्मम सरकार है. पतन के जितने भी पैरामीटर हैं, उन सब पर नए-नए रिकॉर्ड बनाते जा रहे हैं और यहां हमें उपदेश दे रहे हैं. ऐसी निर्मम सरकार से वहां के लोगों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है लेकिन इन्हें कोई परवाह नहीं है.

सत्ता सुख के अलावा इन्हें कोई आकांक्षा नहीं है. दुनिया का समृद्ध से समृद्ध देश भी अपने यहां गैरकानूनी नागरिकों को बाहर निकाल रहा है. लेकिन हमारे देश में इन्हें बचाने के लिए अदालतों पर प्रेशर डाला जा रहा है. मेरे देश का नौजवान कैसे ऐसे लोगों को माफ करेगा, जो घुसपैठियों की वकालत करने में ताकत लगा रहे हैं.

कांग्रेस के पास न सोच, न विजन: जहां तक कांग्रेस का सवाल है, मैं साफ-साफ कहना चाहता हूं, मेरे शब्दों पर भरोसा नहीं है तो कुछ मत करो. सिर्फ लाल किले से कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के जो भाषण हैं, उसे एनालिसिस कर लो.

पता चलेगा कि उनके पास न सोच थी, न विजन था और न इच्छाशक्ति थी. उसका परिणाम है कि देश को इतना भुगतना पड़ा. मैं देश का आभारी हूं कि उन्होंने सेवा करने का अवसर दिया. हमारी काफी शक्ति उनकी गलतियों को ठीक करने में जा रही है.

उन्होंने देश की जो छवि बनाई थी, उसी को धोने में मेरी ताकत लगती है. ऐसा बर्बाद करके रखा हुआ था. इस काम के लिए हमने फ्यूचर रेडी पॉलिसी पर बल दिया है. आज देखा होगा कि देश नीति के आधार पर चल रहा है.

कांग्रेस के लिए जनता समस्या: इंदिरा गांधी ने ईरान में एक भाषण दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि जब किसी ने मेरे पिता से पूछा कि उनके सामने कितनी समस्याएं हैं तो उन्होंने कहा कि 35 करोड़. उस समय हमारे देश की जनसंख्या 35 करोड़ थी.

ये देशवासी नेहरूजी को समस्या लगते थे. हमारे सामने चुनौतियां कितनी भी हों लेकिन हमारे पास 140 करोड़ समाधान हैं. हमारे लिए देशवासी पूंजी है. नेहरू-इंदिरा ने देश को समस्या माना. लेकिन हम उनको समाधान मानते हैं.

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