बीपी डेस्क। पश्चिम बंगाल में बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए शुभेन्दु अधिकारी शनिवार को कोलकाता में मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे। वह बंगाल में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री होंगे। इस शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। शुक्रवार को नेता विधायक दल का चुनाव होने के बाद खुद गृह मंत्री अमित शाह ने इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी खुद बंगाल में भाजपा की सरकार बनवाने के लिए आ रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की पहली सरकार होने के कारण शपथ समारोह कोलकाता के बिग्रेड ग्राउंड पर रखा गया है। 2026 के चुनावों का शंखनाथ पीएम मोदी ने 15 मार्च को इसी ग्राउंड से किया था। तब उन्होंने परिवर्तन का नारा दिया था। बीजेपी की परिर्वतन रैलियों का यहीं पर समापन हुआ था।
बंगाल के चुने गए नए सीएम शुभेंदु अधिकारी 9 मई 2026 को सुबह 11:00 बजे पद की शपथ लेंगे। यह शपथ ग्रहण इसलिए भी खास है क्योंकि यह दिन रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती का है। शपथ ग्रहण की तैयारियां भव्य की गई हैं। समारोह के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। करीब 4000 पुलिसकर्मी सुरक्षा संभालेंगे।
शपथ ग्रहण के लिए किसे-किसे निमंत्रण
- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री।
- केंद्रीय मंत्री
- बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष।
- देश के 21 राज्यों में मुख्यमंत्री।
- बीजेपी-एनडीए शासित राज्यों के डिप्टी सीएम।
- बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और सभी प्रमुख नेता।
- रवींद्रनाथ टैगोर के परिवार के सदस्य।
- बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष।
- बंगाल बीजेपी के प्रभारी और प्रमुख बीजेपी नेता।
- एनडीए के घटक दलों के प्रमुख/प्रतिनिधि
- शपथ ग्रहण समारोह में कुछ धार्मिक-आध्यात्मिक जगह की हस्तियां भी मौजूद रह सकती हैं।
- शपथ ग्रहण में खेल जगत के साथ बंगाल के कलाकार और लेखक भी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।
संभावना है कि शुभेन्दु अधिकारी की सरकार में दो उपमुख्यमंत्री भी बनाए जा सकते हैं। इसमें एक महिला को स्थान मिल सकता है। रूपा गांगुली और अग्निमित्रा पॉल के नाम चर्चा में हैं। पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी अपने मंत्रिमंडल के साथ शपथ ले सकते हैं।
इसकी संभावना कम है कि फिर मंत्रिमंडल विस्तार होगा, हालांकि कुछ बर्थ खाली रखे जाने की संभावना है। मंत्रिमंडल में कुछ चौंकाने वाले नाम हो सकता है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल सदस्यों की संख्या 294 है। ऐसे में राज्य में अधिकतम मंत्रियों की संख्या 44 हो सकती है। कम से कम 12 होने जरूरी हैं। नई सरकार में 26 से 27 मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है।
