UPSC क्रैक करने वाली जूही दास की भावुक करने वाली कहानी, पढ़िये

बिहार

गोपाल नारायण। किशनगंज शहर के खगड़ा क्षेत्र की रहने वाली जूही दास ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में 649वां रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है. उनकी इस सफलता से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है और लोगों द्वारा उन्हें लगातार बधाइयां दी जा रही हैं.

जूही दास खगड़ा प्रेमपुल निवासी स्वर्गीय निवारण दास और अन्निका दास की पुत्री हैं. जूही को यह सफलता चौथे प्रयास में मिली है. इससे पहले वह दूसरे और तीसरे प्रयास में साक्षात्कार तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन अंतिम सूची में स्थान नहीं बना पाई थीं. जूही की सफलता की कहानी संघर्ष और हौसले की मिसाल भी है.

दरअसल, उनके साक्षात्कार से महज दस दिन पहले ही उनके पिता का बीमारी के कारण निधन हो गया था. 13 फरवरी को पिता का देहांत हुआ, जबकि 24 फरवरी को उनका साक्षात्कार था. इस कठिन परिस्थिति के बावजूद जूही ने हिम्मत नहीं हारी.

पिता को मुखाग्नि देने के बाद घर मे श्रद्क्रम भी विधि विधान से किया. इसी बीच साक्षात्कार में भी शामिल हुई और अंततः सफलता हासिल की. शिक्षा की बात करें तो जूही ने वर्ष 2015 में बाल मंदिर सीनियर सेकेंड्री स्कूल से 9.4 सीजीपीए के साथ मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की.

इसके बाद वर्ष 2017 में चैतन्या, विशाखापट्टनम से 92 प्रतिशत अंक के साथ इंटरमीडिएट किया. आगे की पढ़ाई उन्होंने कोलकाता से बीटेक कर पूरी की. जूही के पिता घर के पास मोटर पार्ट्स की दुकान चलाते थे, जबकि उनकी मां अन्निका दास न्यायमित्र के रूप में कार्यरत हैं. जूही ने बताया कि उन्हें यूपीएससी की तैयारी के लिए सबसे ज्यादा प्रेरणा अपनी मां से मिली.

कैसे किया मुकाम हासिल

उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान से नियमित पढ़ाई नहीं की. वह अधिकतर सेल्फ स्टडी करती थीं और कभी-कभी कुछ संस्थानों से ऑनलाइन नोट्स मंगाकर तैयारी करती थीं.

सपन कुमार दास और सुशोभन दास के मार्गदर्शन में जूही ने यह मुकाम हासिल किया. जूही ने बताया कि रैंक के आधार पर उन्हें आईपीएस या आईआरएस जैसी सेवाएं मिल सकती हैं.

उनकी इस उपलब्धि पर शहरवासियों, मित्रों और शुभचिंतकों ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं.9