बीपी डेस्क। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने आज विभाग के अंतर्गत तकनीकी सहायता के लिए कार्यरत तकनीकी सहायता समूह द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं विभागीय कार्यों में उनके योगदान की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से आम नागरिकों की समस्याओं एवं जनशिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सरल, सुगम और प्रभावी व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने कहा कि सफाई, स्वच्छता, जलजमाव, कचरा प्रबंधन तथा नगर निकायों से संबंधित अन्य समस्याओं के समाधान के लिए एक तकनीकी रूप से प्रभावी मैकेनिज्म विकसित किया जाए, ताकि आमजन अपनी समस्याओं को आसानी से विभाग के संज्ञान में ला सके। जिससे विभाग द्वारा शिकायतों को त्वरित संज्ञान लेते हुए उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
श्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी का विज़न स्पष्ट है कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान और लोगों को बेहतर सेवाओं की सहज उपलब्धता हो । इसी विज़न के अनुरूप विभाग जनशिकायतों के समाधान को त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए तकनीक आधारित प्रभावी व्यवस्था विकसित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें शिकायत प्राप्त होने से लेकर उसके समाधान तक प्रत्येक स्तर पर स्पष्ट जिम्मेदारी और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो।
उन्होंने निर्देश दिया कि जनशिकायतों के समाधान के लिए उच्चस्तरीय प्रभावी सुपरविजन की व्यवस्था विकसित की जाए। शिकायतों की प्रकृति, उनके समाधान में लगने वाले समय तथा बार-बार सामने आने वाली समस्याओं का विश्लेषण कर उनके स्थायी एवं व्यावहारिक समाधान पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
नगर कार्यपालक पदाधिकारियों के लिए होगी विशेष कार्यशाला
श्री नीतीश मिश्रा ने राज्य के सभी नगर निकायों के नगर कार्यपालक पदाधिकारियों (EOs) के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में नगर निकायों के कार्यों एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यशाला में नगर निकायों के समक्ष आने वाले प्रासंगिक एवं वास्तविक मुद्दों (Relevant Issues) को चिन्हित कर नगर कार्यपालक पदाधिकारियों के साथ Solution-Oriented Exercises कराई जाएं। इसमें समस्याओं की पहचान, उनके कारणों का विश्लेषण और व्यावहारिक समाधान तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाए।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अभ्यास-आधारित कार्यशाला से नगर कार्यपालक पदाधिकारियों की समस्या समाधान क्षमता एवं निर्णय लेने की दक्षता को और मजबूत किया जा सकेगा। साथ ही, इससे आम नागरिकों को होने वाली समस्याओं का बेहतर समाधान सुनिश्चित करने तथा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने में सहायता मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि शहरी विकास का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचनाओं का निर्माण नहीं, बल्कि नागरिकों को बेहतर, सुगम और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। विभाग की प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करते हुए नगर निकायों की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह, प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित बनाना है।
इस बैठक में विभाग के विशेष सचिव डॉ. नवल किशोर चौधरी, अपर सचिव, श्री मनोज कुमार, विशेष सचिव श्री मनन राम सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी सहित तकनीकी सहायता समूह के सदस्य शामिल थे।
