Bihar News : बी-टेक (लेटरल एंट्री) में नामांकन के लिए 25 जुलाई को पहले राउंड में आवंटित सीटों का रिजल्ट जारी करेगा बीसीईसीईबी

पटना
  • काउंसलिंग के दौरान सीटों के आवंटन के लिए 13 जुलाई से 23 जुलाई तक चलेगी ऑनलाइन चॉइस फिलिंग
  • सीट आवंटन का परिणाम अभ्यर्थी अपने लॉगिन के माध्यम से देख सकेंगे
  • बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में अब मिल रही है राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

बीपी डेस्क। बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीईसीईबी) द्वारा तीन वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा उत्तीर्ण छात्रों के लिए बी-टेक के दूसरे वर्ष (लेटरल एंट्री) में नामांकन की प्रक्रिया चलाई जा रही है। आगामी 25 जुलाई को पहले राउंड में आवंटित की गई सीटों का रिजल्ट जारी किया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी पर्षद की वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।
इससे पूर्व बीते दिनों बीसीईसीईबी ने ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।

इसके लिए विस्तृत कार्यक्रम और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए थे। बीसीईसीईबी ने बताया है कि इस काउंसलिंग के दौरान सीटों के आवंटन के लिए 13 जुलाई से ऑनलाइन चॉइस फिलिंग शुरू हुई थी, जो 23 जुलाई तक चलेगी। यह काउंसलिंग बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों तथा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के अंतर्गत संचालित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम विमेंस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में स्नातक अभियंत्रण (बी-टेक) के विभिन्न पाठ्यक्रमों के द्वितीय वर्ष में प्रवेश के लिए आयोजित की जा रही थी।

निर्धारित अंतिम तिथि तक चॉइस फिलिंग करने वाले अभ्यर्थियों का मेधा सूची और विकल्पों के आधार पर सीट आवंटन किया जाएगा। सीट आवंटन का परिणाम अभ्यर्थी अपने लॉगिन के माध्यम से देख सकेंगे।

भरे गए विकल्पों का प्रिंट सुरक्षित रखें अभ्यर्थी
बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद पूर्व में कह चुका है कि यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित समय तक स्वयं चॉइस लॉक नहीं करता है, तो अंतिम तिथि के बाद उसका विकल्प स्वतः लॉक कर दिया जाएगा। साथ ही, अभ्यर्थियों को अपने भरे गए विकल्पों का प्रिंट सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में अब राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। राज्य सरकार ने सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में शानदार आधारभूत संरचना विकसित की है। इनमें राष्ट्रीय मानकों के मुताबिक शिक्षकों की नियुक्तियां की गई हैं।

नाममात्र के शुल्क पर इनमें बेहतर शिक्षा प्राप्त की जा सकती है। तीन वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा उत्तीर्ण छात्र इन सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में बी-टेक के दूसरे वर्ष (लेटरल एंट्री) में नामांकन करवाकर अपने करियर को बेहतर दिशा दे सकते हैं।