नालंदा के 20 सरकारी विद्यालय बने मॉडल स्कूल, बिहारशरीफ के जवाहर कन्या प्लस 2 विद्यालय में सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल का उद्घाटन

नालंदा

बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : बिहार सरकार द्वारा सरकारी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में शुरू की गई महत्वाकांक्षी पहल के तहत रविवार को बिहारशरीफ प्रखंड स्थित जवाहर कन्या प्लस टू उच्च विद्यालय में स्थापित सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल का उद्घाटन नगर विधायक डॉ. सुनील कुमार, विधान पार्षद रीना यादव, जिलाधिकारी उदिता सिंह तथा नगर आयुक्त कृत्यानंद ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय से राज्य के 551 मॉडल स्कूलों का ऑनलाइन शुभारंभ किया।

इस योजना के तहत नालंदा जिले के सभी 20 प्रखंडों से एक-एक सरकारी विद्यालय का चयन मॉडल स्कूल के रूप में किया गया है। इन विद्यालयों को निजी संस्थानों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, ताकि सरकारी स्कूलों में भी छात्रों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, आधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, बेहतर फर्नीचर तथा तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र ने बताया कि चयनित विद्यालयों की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

जिलाधिकारी उदिता सिंह ने कहा कि मॉडल स्कूल योजना सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में आधुनिक संसाधनों के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सके। उन्होंने शिक्षकों से पूरी निष्ठा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करने तथा विद्यार्थियों से उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाकर बेहतर प्रदर्शन करने की अपील की।

इस अवसर पर नगर विधायक डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को उन 211 प्रखंडों में महाविद्यालयों का शुभारंभ किया गया, जहां पहले कोई कॉलेज नहीं था। अब 551 सरकारी विद्यालयों को सरस्वती विद्या निकेतन सह मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में लगभग 5,000 विद्यालय थे, जबकि आज उनकी संख्या बढ़कर 73,000 हो गई है। यह योजना बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विधान पार्षद रीना यादव ने कहा कि मॉडल स्कूलों का उद्देश्य बच्चों को आधुनिक शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी नई तकनीकों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में शुरू किए गए इस अभियान से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और वे राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार हो सकेंगे।

जवाहर कन्या प्लस टू उच्च विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक कपिल देव प्रसाद यादव ने विद्यालय के मॉडल स्कूल बनने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विधायक डॉ. सुनील कुमार एवं जिलाधिकारी उदिता सिंह से विद्यालय के लिए नए भवन और विशेष फंड की मांग की।

उन्होंने बताया कि भवन की कमी के कारण भौतिकी, रसायन एवं जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं फिलहाल एक ही कमरे में संचालित हो रही हैं। वहीं स्मार्ट क्लास वाले भवन की छत भी जर्जर हो चुकी है। मरम्मत के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन विद्यालय के पांच कमरे अभी भी उपयोग योग्य नहीं हैं। उन्होंने विद्यालय के समग्र विकास के लिए प्रशासन से विशेष सहयोग की अपील की।

जिले के जिन 20 विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में चयनित किया गया है, उनमें अस्थावां का आरएसबी, बेन का गुरुशरणपुर, बिहारशरीफ का जवाहर कन्या प्लस टू उच्च विद्यालय, बिंद हाईस्कूल, चंडी का तुलसीगढ़, एकंगरसराय एसएस एकेडमी, गिरियक का चोरसुआ, हरनौत का गोनावां पोआरी, हिलसा आरएस,

इस्लामपुर का नेताजी सुभाष विद्यालय, करायपरसुराय का मकरौता, कतरीसराय का गोवर्धन बिगहा, नूरसराय का सरदार बिगहा, नगरनौसा का भोभी, परवलपुर का बड़ी मठ, रहुई का पैठना सर्वोदय, राजगीर का बेलदार बिगहा, सरमेरा हाईस्कूल, सिलाव का रास बिहारी विद्यालय तथा थरथरी का अस्ता हाईस्कूल शामिल हैं।

इस योजना से जिले के 9वीं और 10वीं कक्षा के लगभग 18,899 विद्यार्थियों को सीधे लाभ मिलेगा। प्रत्येक सेक्शन में केवल 40 विद्यार्थियों का नामांकन किया गया है, ताकि प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जा सके। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए 120 शिक्षकों को एससीईआरटी पटना एवं डाइट के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

साथ ही कठिन विषयों की पढ़ाई को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विशेषज्ञ शिक्षकों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के विद्यार्थियों को भी बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा।