Biharsharif/Avinash Pandey: कहने को तो नालंदा में कानून का राज है, लेकिन….. देख लीजिए, यहां तो दिन में लूट और रात में चोरी और डकैती का दौर है। ऐसा लगता है जैसे पुलिस के सामने अपराधियों की हरियाली लौट आई है। अपराधी जब चाहा तब हथियार तान कर लूटपाट मचा रहे हैं।

ताजा मामला जिला मुख्यालय बिहार शरीफ से सटे दीप नगर थाना क्षेत्र का है जहां एक बड़े बी व्यवसाय के घर भीषण डकैती की घटना को अंजाम दिया गया 10 से 12 की संख्या में रहे हथियारबंद अपराधियों ने एक करोड़ से ऊपर की संपत्ति लूट ली।
परिजनों को बंधक बनाए रखा। व्यवसायी के घर में करीब 2 घंटे तक सभी अपराधी रहे। हरनौत थाना के रूपसपुर गांव में लगातार 48 घंटे में दो बड़ी चोरी की घटनाएं घटी। पुलिस की घटती मौजूदगी का आकलन करते हुए अपराधी जदयू नेता के घर को भी नहीं छोड़ा।
यक्ष्य प्रश्न यह उठता है कि आखिर पुलिस सुपरहिट कार्रवाई में काहे पीछे है ? नालंदा जिले में 29 जुलाई 2026 से 3 अगस्त 2026 तक कई बड़ी आपराधिक घटनाएं घटी जिसमें अभी तक किसी भी अपराधी की गिरफ्तारी संभव नहीं हो पाई है। इस संबंध में नालंदा पुलिस की तरफ से भी किसी तरह का कोई आधिकारिक बयान मीडिया के समक्ष नहीं आया है।
Crime@ nalanda
29 जुलाई : रहुई थाना क्षेत्र के डीहरा मोड़ के पास सर्राफा कारोबारी से पिस्टल के बल पर 70 हजार, सोने की चेन और मोबाइल की लूट।
30 जुलाई: भागन बीघा थाना क्षेत्र में चलती सीएनजी ऑटो में यात्री से 22 हजार की लूट, विरोध पर मारपीट कर सड़क पर फेंका गया।
01 अगस्त : हरनौत थाना क्षेत्र के रूपसपुर में बंद घर से 2.50 लाख नकद और करीब ₹18 लाख के गहनों की चोरी।
01 अगस्त : नगरनौसा थाना क्षेत्र के दिनदहाड़े एसबीआई सीएसपी में गन पॉइंट पर डकैती, नकदी और लैपटॉप लूटकर बदमाश फरार।
02 अगस्त: हरनौत थाना क्षेत्र के रूपसपुर में जदयू नेता के घर लाखों की संपत्ति साफ।
03 अगस्त: दीपनगर थाना क्षेत्र में 1.15 करोड़ रुपये की सनसनीखेज डकैती।
03 अगस्त : राजगीर में बंद मकान के छह कमरों का ताला तोड़कर नकदी-जेवरात समेत 10 लाख की चोरी
वाहन चेकिंग हेलमेट तक फिक्स्ड
पूरे जिले में वाहन चेकिंग पुलिस कर रही है। बावजूद इसके अपराधी कमर में पिस्टल डालकर मोटरसाइकिल से घूम रहे हैं और जहां-तहां गोली चला रहे हैं। दहशत फैला रहे हैं। पुलिस वाहन चेकिंग के दौरान सिर्फ हेलमेट ही चेक करती है। हेलमेट अगर है तो कोई भी बड़ी आसानी से पुलिस की नजरों से बच सकता है। जिले के किसी भी चौक- चौराहे पर लग्जरी कार की चेकिंग होते नहीं देखा जा सकता है। पुलिस की नजर सिर्फ दो पहिया वाहनों पर ही होती है। जहां सिर्फ हेलमेट उनका केंद्र बिंदु होता है।
