भागलपुर के 13 बाढ़ प्रभावित अंचलों की उच्चस्तरीय समीक्षा; अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने के निर्देश
4,696 परिवारों के 23,412 लोगों का सुरक्षित निष्क्रमण; 91 सामुदायिक रसोइयों एवं 7 प्रमुख राहत शिविरों के माध्यम से राहत कार्य जारी
7,025 पॉलिथीन शीट्स वितरित; मानव एवं पशु चिकित्सा के लिए मेडिकल टीमें क्षेत्र में तैनात
भागलपुर, सन्तोष कुमार। बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री श्री रत्नेश सादा ने आज भागलपुर जिले में बाढ़ की स्थिति तथा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी 24 घंटे अलर्ट मोड में रहकर स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें।
मंत्री श्री सादा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा एवं उन्हें समय पर राहत उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए बजट अथवा संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक आवश्यक सहायता समय पर पहुँचे तथा विशेष रूप से दूरस्थ एवं जलमग्न क्षेत्रों में राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जाए। भागलपुर जिले के 13 अंचलों की 82 पंचायतों के 269 गाँवों में बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। जिले में लगभग 3,87,600 प्रभावित लोगों तक त्वरित राहत पहुँचाने के लिए जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है।
सुरक्षित निष्क्रमण एवं नावों का परिचालन
जलस्तर में वृद्धि के कारण संवेदनशील एवं जोखिम वाले क्षेत्रों से अब तक 4,696 परिवारों के कुल 23,412 लोगों को सुरक्षित निष्क्रमित कर राहत केंद्रों तक पहुँचाया गया है। सुदूर एवं जलमग्न क्षेत्रों में आवागमन तथा आपातकालीन राहत कार्यों के लिए 90 नावों का परिचालन किया जा रहा है।
सामुदायिक रसोई एवं राहत शिविरों के माध्यम से भोजन की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन की कोई समस्या न हो, इसके लिए जिले में 91 सामुदायिक रसोइयों का संचालन किया जा रहा है। इन सामुदायिक रसोइयों के माध्यम से अब तक 1,92,276 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, भागलपुर शहर में टीएनबी कॉलेजिएट, CTS/चर्च मैदान सहित 7 प्रमुख बाढ़ राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए आवासन, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। इन राहत शिविरों में अब तक 20,068 लोगों ने आश्रय एवं भोजन का लाभ लिया है।मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोइयों का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी प्रभावित व्यक्ति भोजन से वंचित न रहे।
राहत सामग्री का वितरण
बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब तक 7,025 पॉलिथीन शीट्स का वितरण किया गया है।खरीक के राघोपुर क्षेत्र के बाढ़ पीड़ितों के व्यवस्थित आवासन के लिए इस्माईलपुर में गणेश बासा-01, 02 एवं 03 को चिन्हित कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मंत्री श्री सादा ने निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि जिन क्षेत्रों में तत्काल सामुदायिक रसोई की सुविधा पहुँचाना कठिन है, वहाँ भी प्रभावित परिवारों को भोजन की पर्याप्त व्यवस्था मिल सके।
पशुओं के लिए चारा एवं पशु चिकित्सा की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देते हुए मंत्री महोदय ने प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में पशु चारा उपलब्ध कराने एवं उसके नियमित वितरण के निर्देश दिए। पशुपालकों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त व्यवस्था करने को भी कहा गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 8 पशु चिकित्सा शिविर एवं 5 चलंत पशु चिकित्सा दल सक्रिय हैं। इनके माध्यम से अब तक 1,846 प्रभावित पशुओं का उपचार किया जा चुका है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान
बाढ़ के कारण उत्पन्न होने वाली बीमारियों एवं संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में 13 स्वास्थ्य शिविर सक्रिय हैं। इन स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से अब तक 6,366 लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सक्रिय रखा जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मंत्री श्री रत्नेश सादा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता बरती जाए। प्रत्येक प्रभावित परिवार तक भोजन, सूखा राशन, पशु चारा, स्वास्थ्य सुविधा एवं आवश्यक राहत सामग्री पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ की इस कठिन घड़ी में प्रभावित नागरिकों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
