20 मीट्रिक टन क्षमता वाले संयंत्र का शिलान्यास, पशु उठाव वाहन का लोकार्पण, 300 दुग्ध विक्रेताओं को डीप फ्रीजर वितरण की शुरुआत
बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : नालंदा डेयरी परिसर सोमवार को राज्य की दुग्ध विकास योजनाओं का बड़ा केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार स्टेट मिल्क कोऑपरेटिव फेडरेशन (कॉम्फेड) और पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले दही-लस्सी प्रसंस्करण संयंत्र की आधारशिला रखी। इसके साथ ही आधुनिक पशु उठाव वाहन का लोकार्पण किया तथा दुग्ध विक्रेताओं के बीच डीप फ्रीजर वितरण योजना की शुरुआत की। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान, दुग्ध उत्पादक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार दुग्ध उत्पादन और पशुपालन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले छह से सात महीनों में राज्य में दो हजार से अधिक नई दुग्ध उत्पादक समितियों का गठन किया गया है, जिससे प्रतिदिन लगभग तीन लाख लीटर दूध का अतिरिक्त संग्रह शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य में प्रतिदिन एक करोड़ लीटर दूध उत्पादन तक पहुंचना है।
सुधा को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी :
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब सुधा ब्रांड को केवल बिहार या देश तक सीमित नहीं रखना चाहती। दूध, दही, लस्सी, आइसक्रीम, पेड़ा सहित अन्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह अमूल ने वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाई है, उसी प्रकार सुधा को भी विश्वस्तरीय ब्रांड के रूप में स्थापित करने की योजना है।
उन्होंने बताया कि कॉम्फेड की कई नई परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। राज्य में करीब 2,500 नई दुग्ध समितियां सक्रिय हैं। 200 नए बिक्री केंद्र खोलने की योजना के तहत 88 स्थानों का चयन किया जा चुका है, जबकि सभी 534 प्रखंडों में सुधा बिक्री केंद्र स्थापित करने के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है।
हर प्रखंड में विकसित होंगे आधुनिक ग्रामीण हाट :
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए मॉडल के ग्रामीण हाट विकसित किए जाएंगे। इन हाटों में एक ही परिसर में दूध, सब्जी और मछली की बिक्री की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि भोजपुर में एक्वा पार्क की स्थापना भी इसी व्यापक योजना का हिस्सा है।
उन्होंने बकरी पालन को संगठित क्षेत्र से जोड़ने की घोषणा करते हुए कहा कि बकरी पालकों के लिए अलग फेडरेशन बनाया जाएगा। बकरी के दूध का भी संगठित विपणन होगा, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं और छोटे पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।
नालंदा को मिलेगा अलग दुग्ध उत्पादक संघ :
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के आग्रह पर नालंदा के लिए अलग दुग्ध उत्पादक संघ गठित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिला पटना दुग्ध संघ से संबद्ध है, लेकिन उत्पादन क्षमता को देखते हुए नालंदा का अपना स्वतंत्र संघ बनने से किसानों को अधिक लाभ मिलेगा और दुग्ध व्यवसाय को नई गति मिलेगी।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि इस डेयरी परियोजना की आधारशिला पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में रखी गई थी। आज उसी योजना का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि डेयरी विकास के बिना गांवों की समृद्धि संभव नहीं है। बकरी पालन को उन्होंने ग्रामीण महिलाओं और जीविका समूहों के लिए “एटीएम” की संज्ञा देते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर यही पशुधन परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करता है।
डीप फ्रीजर से बढ़ेगी विक्रेताओं की आय :
कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से तनुजा देवी और कुंदन कुमार को डीप फ्रीजर की चाबी सौंपी गई। शेष 298 दुग्ध विक्रेताओं को भी शीघ्र यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। डीप फ्रीजर मिलने से दूध, दही और लस्सी जैसे उत्पाद अधिक समय तक सुरक्षित रहेंगे। इससे उत्पाद खराब होने की संभावना कम होगी और विक्रेताओं की आय बढ़ेगी।
पशुओं की दवा के लिए खुलेंगे एक हजार नए केंद्र :
मुख्यमंत्री ने सरकार के पहले 100 दिनों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यभर में पशुओं की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक हजार से अधिक नए पशु औषधि केंद्र खोले जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक प्रखंड में मॉडल स्कूल संचालित किए जा रहे हैं, जहां नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाइव कक्षाओं की व्यवस्था है। जिन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं थे, वहां नए महाविद्यालय खोलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
दही-लस्सी संयंत्र से किसानों को होगा सीधा लाभ :
नालंदा डेयरी परिसर के समीप बनने वाला दही-लस्सी संयंत्र शुरू होने के बाद डेयरी की प्रसंस्करण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। स्थानीय किसानों के दूध की अधिक मात्रा में खरीद संभव होगी और बाजार में सुधा के दही एवं लस्सी उत्पादों की उपलब्धता भी बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि दूध को मूल्य संवर्धित उत्पादों में बदलने से उसकी उपयोग अवधि बढ़ती है और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होता है।
पेट्रोल पंप और सुधा कैफेटेरिया की भी शुरुआत :
कार्यक्रम के दौरान डेयरी परिसर में कॉम्फेड की ओर से संचालित एचपीसीएल पेट्रोल पंप और सुधा कैफेटेरिया की भी आधारशिला रखी गई। पेट्रोल पंप शुरू होने से दुग्ध परिवहन में लगे वाहनों को परिसर के पास ही ईंधन उपलब्ध होगा, जिससे समय और परिवहन लागत दोनों की बचत होगी। वहीं, सुधा कैफेटेरिया के माध्यम से स्थानीय लोगों, किसानों और राहगीरों को ताजे एवं गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
मौके पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम, ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार, जिलाधिकारी उदिता सिंह, पुलिस अधीक्षक भारत सोनी, कॉम्फेड एवं पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, दुग्ध उत्पादक किसान तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
