कटावरोधी एवं बाढ़ संघर्षात्मक (flood fighting) कार्यों की प्रक्षेत्रवार समीक्षा, सचिव ने दिए सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई के निर्देश

पटना

बीपी डेस्क। जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य में चल रहे बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की प्रक्षेत्रवार समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी मुख्य अभियंताओं को संभावित आपात स्थिति पर सतत नजर बनाए रखने, तटबंधों पर आवश्यक बाढ़ संघर्ष सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा जमीनी स्तर पर नियमित आकलन करते हुए किसी भी परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी मुख्यालय के सहयोग की आवश्यकता हो, वहां तत्काल समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

बैठक में मधेपुरा, भागलपुर के राघोपुर, भोजपुर के जवइनियाँ, भागलपुर के संतनगर तथा सारण के सोनपुर दियारा सहित विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर चल रहे कटावरोधी एवं बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की गई।

समीक्षा के दौरान भोजपुर जिले के जवइनियाँ क्षेत्र में चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। बताया गया कि बाढ़ 2026 पूर्व बक्सर-कोईलवर गंगा तटबंध के कि.मी. 58.00 से 59.20 के सामने ग्राम गंगापुर, भुसौला, नन्दपुर तथा दामोदरपुर (जवइनियाँ) के समीप गंगा नदी के दाएं तट पर 1200 मीटर लंबाई में कटाव निरोधक कार्य कराया जा रहा है, जिसमें लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वहीं शेष स्थलों पर किए जा रहे कार्य प्रगति में है एवं कटावरोधी कार्यों पर बढ़ते जलस्तर का प्रभाव नहीं पड़ेगा और यह आगामी 07 अगस्त तक पूर्ण कर लिया जाएगा।

समीक्षा के क्रम में सारण जिले के सोनपुर प्रखंड के सबलपुर-पछियारी टोला के समीप चल रहे कटाव निरोधक कार्यों की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि विगत बाढ़ के दौरान अतिआक्राम्य श्रेणी में रहे सबलपुर-पछियारी टोला के समीप लगभग 2 किलोमीटर लंबाई में कटाव निरोधक कार्य कराया जा रहा है, जिसमें नदी तल के सुरक्षार्थ पूरी लंबाई में कार्य पूर्ण करा लिया गया है। नदी के किनारों की सुरक्षा हेतु संवेदनशील हिस्से में कार्य पूर्ण करा लिया गया है। शेष लंबाई में एहतियातन कार्य कराया गया है तथा वर्तमान में स्थल पूर्णतः सुरक्षित है। सचिव महोदय द्वारा स्थल पर सतत चौकसी बरतने तथा हर हाल में सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया।

इसी क्रम में बताया गया कि भागलपुर जिलान्तर्गत खरीक प्रखंड में काजीकोरैया-राघोपुर के समीप गंगा नदी से हुए कटाव के सुरक्षार्थ एवं कटाव को नियंत्रित करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों द्वारा कैम्प करते हुए दिवा-रात्रि बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराकर कटाव नियंत्रित कर लिया गया है। कराए गए कार्य के सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से स्थल पर 110 मीटर लंबाई में स्थल पर पर्याप्त संख्या में बाढ़ संघर्षात्मक सामग्रियों यथा बालू भरे बोरे, जीयोबैग आदि का भंडारण किया गया है। सचिव महोदय द्वारा सतत निगरानी का निदेश दिया गया।

इस प्रकार, संबंधित अभियंता द्वारा बताया गया कि मधेपुरा जिले के आलमनगर प्रखंड अंतर्गत गंगापुर पंचायत के लुटनाटोला एवं हरजोरा नदी तट से लगभग 500 मीटर की दूरी पर कोसी नदी के बाएं तट पर हुए क्षरण की सूचना पर युद्धस्तर पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराया जा रहा है। स्थल पर 10,000 से अधिक बालू भरे बोरे, आवश्यक संख्या में नायलॉन क्रेट, बी.ए. वायर क्रेट तथा बांस का भंडारण किया गया है। वहीं पर्याप्त मानवबल एवं मशीनरी की सहायता से कार्य लगातार जारी है तथा स्थिति पर 24×7 निगरानी रखी जा रही है।

इसके अतिरिक्त, भागलपुर अंतर्गत संतनगर ग्राम से संबंधित बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि ग्राम की बसावट गंगा नदी से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित है तथा फिलहाल नदी द्वारा कटाव की कोई समस्या परिलक्षित नहीं हो रही है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण कुछ स्थानों पर एनएसएल (Natural Surface Level) का आंशिक wave wash (क्षरण) हुआ है। सचिव महोदय द्वारा निदेश दिया गया कि स्थिति की सतत निगरानी करें तथा आपात स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराकर क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

बैठक के अंत में, सचिव महोदय ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील स्थलों पर नियमित निरीक्षण जारी रखें, संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें तथा किसी भी संभावित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तत्परता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि बाढ़ अवधि में लोगों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।