BPSC TRE-4 Notification: ‘BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी करो, विज्ञापन नहीं तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो’, अभ्यर्थियों ने लगाया नारा, महाआंदोलन की दी चेतावनी

पटना

प्रभात दुबे। BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी करो, विज्ञापन नहीं तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो’, यह नारा अभ्यर्थियों की तरफ से लगाया जा रहा है. BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन अब तक जारी नहीं किए जाने की वजह से छात्र नेता दिलीप कुमार और अभ्यर्थी गुस्से में दिखे. उन्होंने विज्ञापन जारी नहीं करने पर महा आंदोलन की चेतावनी दे दी है. छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा, BPSC TRE-4 के लिए दो साल से सिर्फ ऐलान ही किया जा रहा है. लेकिन अब तक विज्ञापन आया कहां है.

बीपीएससी की तरफ से भी कहा जा रहा है कि अधियाचना वापस कर दी गई है. ऐसे में यह कैसी अधियाचना भेजी गई थी कि बीपीएससी ने वापस कर दिया. छात्र नेता दिलीप कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि 4-5 दिनों में नोटिफिकेशन जारी हो जाना चाहिए और सभी सब्जेक्ट में सीट रहनी चाहिए . अगर ऐसा नहीं हुआ तो महा आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि अधियाचना में कुछ त्रुटियां थीं, जिसकी वजह से अधियाचना वापस कर दी गई.

इस दौरान छात्र नेता दिलीप कुमार ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की योग्यता पर सवाल भी खड़ा किया है. इस दौरान छात्र नेता ने बीएसएससी की नई अध्यक्ष शोभा अहोतकर को लेकर भी बातचीत की. उन्होंने कहा कि अभी तक बीएसएससी का स्थाई अध्यक्ष ही नहीं था. इस वजह से काम करने में दिक्कत हो रही थी. हमने सरकार पर प्रेशर डाला और इसके बाद शोभा अहोतकर को बीएसएससी का अध्यक्ष बनाया गया. मैं उन्हें बचपन से जान रहा हूं. वह दरभंगा की एसपी रह चुकीं हैं.

उस समय मैं 9वीं या 10वीं क्लास में था. उस समय से ही उनको जान रहा हूं. अब वह क्या करतीं हैं बीएसएससी के अध्यक्ष के रूप में, यह देखना होगा. आगे उन्होंने यह भी कहा, उम्मीद है कि वह कड़क मिजाज की और ईमानदार हैं तो अच्छा काम भी करेंगी. हम एक अच्छी पदाधिकारी के रूप में उन्हें जानते हैं.

हम उनसे मिलने जायेंगे. लेकिन इनसे पहले जो चेयरमैन थे वे नहीं मिलते थे, ऐसे में उम्मीद है कि ये हमसे मिलेंगी. साथ ही छात्र नेता ने सीएम सम्राट चौधरी को धन्यवाद दिया और कहा कि उन्होंने एक अच्छी पदाधिकारी को बीएसएससी का अध्यक्ष बनाया है. शोभा अहोतकर से भी उम्मीद है कि वह बीएसएससी को साफ-सुथरा कर देंगी क्योंकि यह कलंकित है.