मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने नेपाल में आए सैलाब के मद्देनजर सोनपुर से वाल्मीकिनगर तक गंडक नदी का हवाई सर्वेक्षण किया।
वाल्मीकिनगर बैराज का अपस्ट्रीम एवं डाउनस्ट्रीम निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय जलस्राव लगभग 1.06 लाख क्यूसेक था। नियंत्रण कक्ष का भी निरीक्षण कर अधिकारियों से अद्यतन जानकारी ली।
बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया एवं मोतिहारी सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की।
पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरी तत्परता से स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा, राहत एवं बचाव कार्य और हर संभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बीपी डेस्क। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने नेपाल में आए सैलाब के मद्देनजर बिहार के सीमावर्ती एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेने के लिए आज सोनपुर से वाल्मीकिनगर तक गंडक नदी का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया एवं मोतिहारी क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति, संभावित प्रभावों तथा प्रशासनिक तैयारियों का भी जायजा लिया गया।
मुख्यमंत्री ने वाल्मीकिनगर में लैंड करने के बाद वाल्मीकिनगर बैराज का निरीक्षण किया। उन्होंने बैराज के अपस्ट्रीम एवं डाउनस्ट्रीम में जलस्राव की स्थिति का अवलोकन किया। निरीक्षण के समय जलस्राव लगभग 1.06 लाख क्यूसेक था। मुख्यमंत्री ने बैराज स्थित नियंत्रण कक्ष का भी निरीक्षण किया तथा जल संसाधन विभाग के पदाधिकारियों से गंडक नदी के जलस्तर एवं जलस्राव की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 26 अगस्त 2026 की रात 11 बजे गंडक नदी का जलस्तर 1,50,200 क्यूसेक के पीक स्तर पर रहा, जिसके बाद जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की गई। हालांकि, देवघाट क्षेत्र में देर से हुई वर्षा के कारण गंडक नदी के जलस्तर में पुनः वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्तमान में तटबंधों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव परिलक्षित नहीं हुआ है। विभाग द्वारा स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक से भी अद्यतन स्थिति की जानकारी ली तथा संभावित प्रभावों, आवश्यक एहतियाती उपायों, सुरक्षा व्यवस्था और राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरी तत्परता के साथ कार्य करने, संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकता पडने पर तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा एवं उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहें तथा किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें।
गंगा नदी का जलस्तर घटते रुझान (Decreasing Trend) में है। हालांकि, कुछ स्थानों पर जलस्तर में 1-2 सेंटीमीटर तक मामूली वृद्धि हो सकती है। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग एवं जिला प्रशासन को सतत निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव एवं सुरक्षा से संबंधित सभी आवश्यक कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
