सेंट्रल डेस्क। कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन आज (23 जुलाई) भी जारी है. मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने भी अपनी भूख हड़ताल अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दी है. वहीं इस आंदोलन को खत्म करने के लिए सरकार भी तैयार हो गई है. सरकार इस मामले में संसद में चर्चा के लिए तैयार है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को राहुल गांधी पर नीट पेपर लीक मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया.
उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह आरोप-प्रत्यारोप में पड़ने के बजाय संसद में इस मुद्दे पर चर्चा होने दें ताकि समस्या का ‘स्थायी समाधान’ निकाला जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पेपर लीक के मुद्दे पर विरोध कर रहे छात्र जब चाहे उनसे बातचीत करने के लिए तैयार है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर तंज कसते हुए कहा कि इसी से यह पता चलता है कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को सुलझाने को लेकर कितनी उदासीन है.
उन्होंने X पर पोस्ट कर कहा, ‘सुना है युवाओं के आंदोलन पर भाजपा सरकार ने आनन-फानन में अभी-अभी अचानक कोई प्रेस कांफ्रेंस की है. विभाग किसी और मंत्री का, और जवाब किसी और मंत्री का. ये ही तथ्य बताता है कि भाजपा इस मसले को सुलझाने के लिए किस हद तक अगंभीर है और एक तरह से युवाओं का मजाक उड़ा रही है.’
मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने बुधवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार उन्हें यह भरोसा दिलाए कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई बल प्रयोग नहीं किया जाएगा और न ही उनके खिलाफ कोई FIR या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी तो वह अपना आमरण अनशन समाप्त कर देंगे. उन्होंने कहा कि भले ही अनशन के दौरान उनका वजन करीब 11KG कम हो गया है, फिर भी वह अपने काम पर लौटना चाहते हैं.
वांगचुक ने वीडियो जारी कर कहा, ‘मैं अब भी ज़िंदा हूं. यह मेरे अनशन का 25वां दिन है. मेरा वजन लगभग 11 किलोग्राम कम हो गया है. मेरी मांसपेशियां कमज़ोर हो गई हैं, लेकिन मैं ठीक हूं. मैं अपना काम शुरू करना चाहता हूं, लेकिन सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह छात्रों पर दोबारा बल प्रयोग न करे और न ही कोई वाद या FIR दर्ज करे. मुझे इसके लिए भरोसा चाहिए. अगर मुझे यह भरोसा मिल जाता है, तो मैं आज अपना अनशन तोड़ दूंगा. अगर कोई भरोसा नहीं मिलता है, तो मुझे इसे जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.’
संसद मार्च में लाठीचार्ज पर क्या बोले वांगचुक?
वांगचुक ने कहा कि CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई के बाद उन्होंने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है. उन्होंने कहा, ‘क्योंकि कार्रवाई बर्बर थी, इसलिए मैंने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया. मैं उन सभी छात्रों की प्रशंसा करना चाहता हूं जिन पर लाठियां बरसी, लेकिन उन्होंने कोई हमला नहीं किया. जबकि उन्हें उकसाया गया था और पथराव करवाने के लिए लोगों को बुलाया गया था.’
वांगचुक ने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों और 65 सांसदों समेत कई नेताओं ने उनसे अपना अनशन खत्म करने का आग्रह किया है. इससे पहले, केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह को लिखे एक पत्र में वांगचुक ने कहा कि वह मंगलवार रात उनसे अस्पताल में मिले थे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार नीट प्रश्नपत्र ‘लीक’ के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी.
साथ ही, परीक्षा में हुई अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से संसद में सार्थक चर्चा भी की जाएगी, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विचार करना भी शामिल होगा. उन्होंने अपना अनशन तोड़ने की शर्तों में से एक के तौर पर यह भरोसा भी मांगा कि विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन आज भी बंद :
दिल्ली मेट्रो ने गुरुवार (23 जुलाई) को भी 16 स्टेशनों को बंद करने का ऐलान किया है. DMRC ने सुबह 7.30 बजे से लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है.
