नालंदा: विधि-व्यवस्था के तराजू पर अपराधियों का वर्चस्व बरकरार…लूट के बाद अब जदयू नेता के घर भीषण चोरी

नालंदा बिहारशरीफ

— 20 लाख की संपत्ति ले उड़े बदमाश 48 घंटे में रूपसपुर में दूसरी बड़ी वारदात

बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : नालंदा में विधि व्यवस्था के तराजू पर अपराधियों ने अपना वर्चस्व कायम कर रखा है। दो दिन पूर्व नगर नौसा में सीएसपी संचालक से दिनदहाड़े लूट की घटना को अंजाम देने के बाद एक बार फिर नालंदा पुलिस को चुनौती दी है। इस बार जनता दल यूनाइटेड के एक बड़े नेता के घर भीषण चोरी की घटना को अंजाम दिया है। यह सनसनीखे घटना हरनौत थाना क्षेत्र के रूपसपुर गांव की है। महज 48 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी चोरी की वारदात ने ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

अपराधियों ने जनता दल (यू) के प्रदेश महासचिव एवं पूर्व प्रवक्ता संजय कांत सिन्हा के पैतृक आवास को निशाना बनाते हुए करीब 20 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान की चोरी कर ली। जानकारी के अनुसार, संजय कांत सिन्हा का परिवार वर्तमान में पटना में रहता है। रूपसपुर स्थित उनका पैतृक मकान पिछले करीब एक सप्ताह से बंद था। रविवार सुबह करीब सात बजे जब घर का नौकर साफ-सफाई के लिए पहुंचा तो मुख्य दरवाजे समेत कई कमरों के ताले टूटे मिले।

उसने तत्काल इसकी सूचना परिवार के सदस्यों को दी। परिजन के मौके पर पहुंचने पर देखा कि घर के लगभग सभी कमरों के ताले टूटे हुए थे। चोरों ने सात से आठ गोदरेज अलमारियों के ताले तोड़कर उनमें रखा सामान बाहर निकाल दिया था। कई बक्सों और लॉकरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घर के सभी कमरे पूरी तरह अस्त-व्यस्त थे, जिससे स्पष्ट है कि चोरों ने काफी देर तक घर के अंदर रहकर आराम से वारदात को अंजाम दिया।

संजय कांत सिन्हा के भांजे रविकांत सिंह ने बताया कि चोरी गए सामान का अंतिम आकलन अभी किया जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 15 से 20 लाख रुपये मूल्य के जेवरात, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी हुआ है। साथ ही महत्वपूर्ण दस्तावेजों का भी मिलान किया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही हरनौत थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए, जबकि डॉग स्क्वायड ने आसपास के इलाके में सुराग तलाशने का प्रयास किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सुनियोजित चोरी का प्रतीत होता है।

बंद पड़े मकान का फायदा उठाकर अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही मामले के उद्भेदन का प्रयास किया जाएगा। गौरतलब है कि शुक्रवार की रात भी रूपसपुर गांव के एक बंद पड़े मकान से करीब 20 लाख रुपये मूल्य के नकद और आभूषण की चोरी हुई थी। उस घटना का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। 48 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी चोरी ने गांव के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्ती बढ़ाने, संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच करने तथा दोनों मामलों का शीघ्र खुलासा करने की मांग की है।