-बीमार होने से नाराज ग्रामीणों ने विद्यालय में जमकर किया हंगामा
बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : नूरसराय प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय परासी में मंगलवार को मिड डे मील खाने के बाद 64 बच्चों के बीमार पड़ने की घटना के बाद बुधवार को विद्यालय में तनाव का माहौल रहा। मंगलवार की घटना से नाराज ग्रामीण महिलाओं और अभिभावकों ने बुधवार को विद्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा किया और मिड डे मील का विरोध किया। ग्रामीणों के विरोध के कारण बुधवार को बच्चों ने मिड डे मील नहीं खाया और तैयार भोजन को वापस लौटा दिया गया।
बताया जाता है कि मंगलवार को मध्य विद्यालय परासी में मिड डे मील के दौरान नमक की जगह रसोइया द्वारा गलती से डिटर्जेंट सर्फ परोस दिया गया था। भोजन खाने के बाद कुल 64 बच्चे बीमार हो गए थे। इनमें 34 बच्चों का इलाज मॉडल अस्पताल बिहारशरीफ तथा 30 बच्चों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नूरसराय में कराया गया था। बुधवार को सभी बच्चे स्वस्थ बताए गए।
घटना के बाद बुधवार को ग्रामीण महिलाओं और अभिभावकों ने विद्यालय पहुंचकर व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी जताई। हंगामे की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार, दारोगा धीरज कुमार, पूरी, नेहा कुमारी, प्रभुनाथ पासवान सहित पुलिस बल के जवान विद्यालय पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर मामले को शांत कराया।
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के बीच आपसी तालमेल की कमी है। ग्रामीणों का आरोप था कि विद्यालय में दो महिला शिक्षकों समेत कुल सात शिक्षक हैं, लेकिन शिक्षक अलग-अलग गुटों में बंटे हुए हैं। इसके कारण बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ मिड डे मील व्यवस्था पर भी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता है।
ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि एनजीओ की ओर से भोजन बनाकर विद्यालय भेजा जाता है, लेकिन विद्यालय के शिक्षक भोजन की गुणवत्ता की जांच तक नहीं करते। उनका कहना था कि यदि मंगलवार को मध्यान भोजन के समय कोई शिक्षक मौजूद रहता और भोजन की निगरानी करता तो नमक की जगह सर्फ मिलाए जाने जैसी गंभीर घटना को रोका जा सकता था।
ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों के भोजन में डिटर्जेंट सर्फ मिल जाना बेहद गंभीर लापरवाही है। ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए विद्यालय में मिड डे मील की नियमित निगरानी और भोजन की गुणवत्ता की जांच जरूरी है।
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक शैलेन्द्र कुमार सिंह समेत सभी शिक्षकों से बातचीत की। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि विद्यालय को सरस्वती का मंदिर समझकर सभी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाएं। विद्यालय की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखें और बच्चों की पढ़ाई तथा भोजन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें।
प्रधानाध्यापक शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय में कुल 184 विद्यार्थी नामांकित हैं। बुधवार को कक्षा एक से पांच तक के 44 तथा कक्षा छह से आठ तक के 66 विद्यार्थी समेत कुल 110 बच्चे विद्यालय पहुंचे।
शिक्षक आशुतोष कुमार ने बताया कि मॉडल अस्पताल बिहारशरीफ में इलाज के बाद बुधवार को भर्ती रहे सभी 34 बच्चे विद्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पहले की तरह पढ़ाई जारी है।
इधर, नूरसराय अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक के नेतृत्व में मेडिकल टीम विद्यालय पहुंची और बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। टीम ने कुल 35 बच्चों की जांच की, जिसमें सभी बच्चे स्वस्थ पाए गए।
थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि फिलहाल विद्यालय की स्थिति सामान्य है। प्रधानाध्यापक की ओर से एक रसोइया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और मामले की जांच की जा रही है।
गुरुवार को अधिकारी पहले चखेंगे मिड डे मील
घटना के बाद प्रशासन ने मिड डे मील को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। थानाध्यक्ष, बीडीओ तथा अन्य पदाधिकारी गुरुवार को विद्यालय पहुंचेंगे। अधिकारियों द्वारा पहले मिड डे मील का भोजन चखा जाएगा और भोजन सुरक्षित पाए जाने के बाद ही बच्चों को भोजन कराया जाएगा।
