सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा का नया अध्याय, ‘विद्या साथी’ से 24 घंटे मुफ्त मिलेगी एक्सपर्ट की मदद

नालंदा बिहारशरीफ

नालंदा समेत बिहार के 38 जिलों में योजना लागू, 9वीं से 12वीं विज्ञान के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ; फिलो ऐप पर लाइव ट्यूटर, डिजिटल नोट्स और क्वेश्चन बैंक की सुविधा

बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : नालंदा समेत पूरे बिहार के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए डिजिटल शिक्षा की दिशा में नई पहल शुरू हुई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने मॉडल स्कूलों में अपनी महत्वाकांक्षी ‘विद्या साथी’ योजना का विधिवत आगाज कर दिया है। योजना के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को पढ़ाई में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह निशुल्क डिजिटल शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

इस पहल से विद्यार्थियों को महंगी कोचिंग और अतिरिक्त ट्यूशन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि विद्यार्थी दिन या रात किसी भी समय अपनी पढ़ाई से जुड़ी समस्या का समाधान विशेषज्ञों से प्राप्त कर सकेंगे।

24 घंटे सातों दिन लाइव ट्यूटर से जुड़ सकेंगे छात्र

‘विद्या साथी’ कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को फिलो ऐप के माध्यम से 24 घंटे सातों दिन लाइव ट्यूटर से जुड़ने की सुविधा मिलेगी। यदि किसी छात्र को गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान अथवा अन्य विषयों से जुड़े किसी सवाल या अवधारणा को समझने में परेशानी होती है तो वह अपने प्रश्न की तस्वीर ऐप पर अपलोड कर सकता है। इसके बाद विषय विशेषज्ञ से लाइव जुड़कर वन-टू-वन मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकेगा।

ऐप पर विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक अध्याय के विस्तृत डिजिटल नोट्स, पिछले वर्षों के बोर्ड परीक्षा प्रश्नपत्र और व्यापक क्वेश्चन बैंक भी उपलब्ध रहेंगे। इससे विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक संसाधन मिल सकेंगे।

38 जिलों में जिला नोडल समन्वयक तैनात

योजना को विद्यालय स्तर तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए बिहार के सभी 38 जिलों में जिला नोडल समन्वयकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। ये समन्वयक संबंधित विद्यालयों में जाकर शिक्षकों और विद्यार्थियों को योजना की जानकारी देने के साथ फिलो ऐप का लाइव डेमो भी दे रहे हैं। विद्यार्थियों के ऐप एक्टिवेशन की प्रक्रिया में भी समन्वयकों द्वारा सहायता की जा रही है।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एस. मनमोहन ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में विशेष क्रियान्वयन दल गठित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने योजना के सफल संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित करने को भी कहा है।

शुल्क मांगने पर होगी कार्रवाई

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ‘विद्या साथी’ के तहत उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक सेवा विद्यार्थियों के लिए शत-प्रतिशत निशुल्क है। किसी विद्यार्थी या अभिभावक से इस सुविधा के बदले किसी प्रकार का शुल्क मांगने की शिकायत सामने आने पर संबंधित स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

योजना के पारदर्शी और प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को दी गई है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थी इस डिजिटल सुविधा से जुड़ें और उन्हें योजना का वास्तविक लाभ मिले।

तकनीकी समस्याओं के लिए केंद्रीय नोडल पदाधिकारी

योजना के संचालन के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बिहार बोर्ड ने उच्च माध्यमिक परीक्षा नियंत्रक डॉ. मनोज कुमार झा को केंद्रीय नोडल पदाधिकारी नामित किया है। इससे विद्यार्थियों और विद्यालयों को ऐप के इस्तेमाल या अन्य तकनीकी दिक्कतों के समाधान में मदद मिल सकेगी।

सरकारी विद्यालयों में डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने वाली इस पहल को खासकर उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिन्हें आर्थिक कारणों से निजी कोचिंग या महंगी ट्यूशन की सुविधा नहीं मिल पाती। ‘विद्या साथी’ के माध्यम से विशेषज्ञ मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और परीक्षा तैयारी से जुड़े संसाधन एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।