बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : जिलाधिकारी उदिता सिंह ने जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से पहुंचे 31 फरियादियों की शिकायतें सुनते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की और सभी मामलों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जन-शिकायतों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और प्रत्येक आवेदन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि आम नागरिकों की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनसुनवाई में दलित बस्ती में नाली एवं गली निर्माण, भूमि विवाद, जमीन पर कब्जा, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ, निजी भवन में संचालित जिला खनन कार्यालय को खाली कराने, तथा मुख्यमंत्री नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान की लंबित राशि जैसे मामले प्रमुख रूप से सामने आए।
दलित बस्ती में नाली एवं गली निर्माण से संबंधित शिकायत पर जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को निष्पक्ष जांच कर सभी पक्षों से तथ्य जुटाते हुए स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित पात्र लाभुकों की शिकायतों पर उप विकास आयुक्त को प्राथमिकता के आधार पर जांच कर पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने का निर्देश दिया गया।
निजी भवन में संचालित जिला खनन कार्यालय को खाली कराने संबंधी शिकायत पर अनुमंडल पदाधिकारी, बिहारशरीफ को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
वहीं, मुख्यमंत्री नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के तहत स्वीकृत राशि के लंबित भुगतान के मामले में सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जनसुनवाई में प्राप्त अन्य सभी आवेदनों को भी संबंधित विभागों को भेजते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों से निष्पक्ष, पारदर्शी और विधि-सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने दोहराया कि प्रशासन का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है।
