नालंदा पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाया कथित अपहरण का मामला, तीन गिरफ्तार

दिल्ली

बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : कतरीसराय थाना क्षेत्र के अहियाचक गांव निवासी शिव कुमार वर्मा के कथित अपहरण का मामला पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया। जांच में यह मामला अपहरण नहीं, बल्कि साइबर ठगी से जुड़े गिरोह की सुनियोजित साजिश निकला। पुलिस ने शिव कुमार वर्मा को छपरा कचहरी से सकुशल बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को अहियाचक निवासी चंदन कुमार ने थाना में आवेदन देकर बताया कि उनका छोटा भाई शिव कुमार वर्मा पटना दवा लाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा।

रात करीब 12:45 बजे चंदन कुमार के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को साइबर थाना से बताते हुए शिव कुमार को छोड़ने के एवज में 2.5 लाख रुपये की मांग की। परिजनों ने बताए गए खाते में राशि भेज दी। इस संबंध में कतरीसराय थाना कांड संख्या 354/26 दिनांक 22 जुलाई 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक नालंदा के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, राजगीर के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर हुई जांच में पता चला कि प्रथम दृष्टया यह अपहरण का मामला नहीं था। शिव कुमार वर्मा स्वयं साइबर ठगी से जुड़े गिरोह के संपर्क में था और 6 प्रतिशत कमीशन के बदले अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने गया था।

इसी दौरान फिरौती की झूठी कहानी रची गई। गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिव कुमार वर्मा को छपरा कचहरी से सकुशल बरामद कर लिया। उसकी निशानदेही पर इस मामले में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों में सुधीर कुमार (36), रामचन्द्रपुर बस स्टैंड, लहेरी थाना, नालंदा, जितेन्द्र कुमार (27), जलालपुर, धनरूआ थाना, पटना एवं अनुपम कुमार (41), मूल निवासी भुतौली मालपा, चौथम थाना, खगड़िया, वर्तमान पता वेस्ट जजेज कॉलोनी, आरपीएफ दानापुर, पटना शामिल है। इस कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक सुमंत कुमार, थानाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार कुशवाहा, आदित्य कुमार, मुकुन्द भारती तथा कतरीसराय थाना के सशस्त्र बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।