बिहार बदलाव के करीब खड़ा है, अगले चार वर्षों में अर्थव्यवस्था को चार गुना करने का लक्ष्य- मुख्यमंत्री

पटना

द इकोनॉमिक टाइम्स के ‘वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ में मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास, निवेश, उद्योग, जल प्रबंधन, रोजगार और आधारभूत संरचना की योजनाओं पर विस्तार से रखी बात।

‘Build Bihar, Believe in Bihar’ के संकल्प के साथ बिहार तेजी से बदलाव की ओर अग्रसर ।

उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर, जी०सी०सी० सहित विभिन्न नई औद्योगिक नीतियां लागू।

बिहार में 4 एयरपोर्ट चालू, 10 छोटे-बड़े एयरपोर्ट पर कार्य तथा 6 एक्सप्रेस-वे पर काम जारी। अगले पांच वर्षों में खनन क्षेत्र से लगभग 7-8 हजार करोड़ रूपये राजस्व अर्जित करने की कार्ययोजना।

बीपी डेस्क : मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने द इकोनॉमिक टाइम्स के कार्यक्रम ‘वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ में बिहार के विकास की भावी दिशा, निवेश की संभावनाओं, आधारभूत संरचना, जल प्रबंधन, रोजगार, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार बदलाव के करीब खड़ा है। ‘Build Bihar, Believe in Bihar’ के कॉन्सेप्ट के साथ आज बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है। लंबे समय तक किसी कारणवश बिहार विकास की दौड़ में पीछे रह गया था लेकिन अब मूलभूत आवश्यकताओं-सड़क, बिजली और पानी के क्षेत्र में लगभग सभी आवश्यक कार्य पूरे किए जा चुके हैं।

अब सरकार का विशेष फोकस उद्योग, निवेश और रोजगार पर है, इसके लिए अनेक नई नीतियां बनाई गई हैं ताकि देश-दुनिया के निवेशकों को बिहार में उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने सुशासन को प्राथमिकता देते हुए सहयोग कार्यक्रम की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री बनने के शुरुआती दिनों में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन दिए। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक आवेदन का निर्धारित समय-सीमा में निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।

अब तक 6 लाख 42 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 96 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। प्रत्येक आवेदन के निष्पादन के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है। निर्धारित समय में कार्य नहीं करने अथवा लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा स्वतः निलंबन का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। वर्ष 2026 में सेमीकंडक्टर और GCC (Global Capability Centre) के लिए विशेष नीतियां बनाई गई हैं।

उद्योगों को जमीन, बिजली और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार एक घनी आबादी वाला और तेजी से टेक्नोलॉजी अपनाने वाला राज्य है। यहां बड़ी संख्या में कुशल एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हैं। निवेशकों के लिए बिहार की विशाल आबादी एक बड़ा बाजार तथा कुशल श्रमशक्ति का स्रोत है। बिहार में पहले लगभग 350 मेगावाट बिजली की उपलब्धता थी, जो अब बढ़कर 10 हजार मेगावाट से अधिक हो गई है।

राज्य बिजली उपभोक्ताओं को लगभग 23 हजार करोड़ रूपये का अनुदान दे रहा है। बिहार के विकास में जल प्रबंधन की बड़ी भूमिका है। उत्तर बिहार में नेपाल से आने वाली नदियों के कारण प्रत्येक वर्ष बाढ़ की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है। उत्तर बिहार के करीब 16 जिले बरसात के दौरान बाढ़ से प्रभावित होते हैं। वहीं दक्षिण बिहार के कई जिलों में सूखे की समस्या रहती है। बिहार में सिंचित भूमि का क्षेत्रफल पहले 21 लाख हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर हो गया है। कोसी, गंडक, गंगा और अन्य नदियों के जल का बेहतर प्रबंधन कर बाढ़ और सूखे की समस्या का स्थायी समाधान तलाशा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मैंने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी से मुलाकात कर कोसी-मेची लिंक सहित सिंचाई परियोजनाओं तथा नेपाल से आने वाली नदियों के जल प्रबंधन के लिए कार्ययोजना बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने फरक्का बराज के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार को गंगा नदी के जल का वर्ष भर उपयोग करने का अधिकार मिलना चाहिए ताकि पेयजल और सिंचाई की समस्या को दूर किया जा सके।

सोन नदी को फल्गु नदी से जोड़ने की परिकल्पना पर कार्य किया जा रहा है, जिससे दक्षिण बिहार में पेयजल और सिंचाई की समस्या कम होगी। कोसी नदी को अभिशाप से वरदान में बदलना सरकार का लक्ष्य है। कोसी और गंडक उत्तर बिहार की दो प्रमुख नदियां हैं। गंगा, गंडक और कोसी के दोनों किनारों पर एकीकृत फोर लेन सड़क तथा औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की परिकल्पना की जा रही है।

गंगा और गंडक के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, एजुकेशनल हब, इंस्टीट्यूशनल हब और बड़े टाउनशिप विकसित किए जाएंगे। बिहार को कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से आगे ले जाकर उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, परिवहन और जलमार्ग से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। इंडो-नेपाल क्षेत्र को जोड़ते हुए जल परिवहन के माध्यम से हल्दिया से वीरपुर तक संपर्क विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार घनी आबादी वाला राज्य है। राजधानी पटना में एशिया की बड़ी आवासीय कॉलोनियों में से एक रही है। सरकार लगभग 3.5 लाख एकड़ भूमि पर 12 टाउनशिप विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इन टाउनशिप को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया था। वर्ष 2025 के चुनाव से पहले तक 53 लाख लोगों को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराया गया।

अब अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के लखपति दीदी के संकल्प के तहत बिहार में अब तक 43 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बिहार में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनकी सुरक्षा के लिए भी प्रभावी व्यवस्था की गई है। बिहार में 40 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, जो देश में सर्वाधिक है। पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है और 59 प्रतिशत महिलाएं चुनाव जीतकर नेतृत्व की भूमिका में आई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। राज्य के 534 प्रखंडों में शिक्षा की सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। आजादी के बाद बिहार में अब तक 278 डिग्री कॉलेज थे। हमलोगों ने 15 जुलाई से एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन शुरू कराया है। बिहार में 551 मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए ऑनलाइन शिक्षक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।

परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए पटना उच्च न्यायालय से आग्रह किया गया है कि सिटिंग अथवा सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित कर परीक्षा में पेपर लीक सहित अन्य समस्याओं के समाधान और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में सुझाव दिए जाएं। उन्होंने कहा कि बिहार में अब तक चार एयरपोर्ट चालू हो चुके हैं तथा 10 छोटे-बड़े एयरपोर्ट पर काम चल रहा है। राज्य में छह एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर भी काम जारी है।

बेहतर सड़क, हवाई और जल परिवहन व्यवस्था के माध्यम से बिहार की घनी आबादी को देश और दुनिया के बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पहले पटना एयरपोर्ट से गया पहुंचने में लगभग चार घंटे लगते थे, जबकि अब यह दूरी करीब डेढ़ घंटे में पूरी की जा सकती है। बिहार आने वाला कोई भी व्यक्ति यहां हुए आधारभूत परिवर्तन और सुरक्षित माहौल को महसूस कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को खाद्य प्रसंस्करण और उद्योग से जोड़ने की व्यापक संभावनाएं हैं। मोतिहारी, खगड़िया सहित बिहार के कई क्षेत्रों में मक्का का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। केला सहित अन्य कृषि उत्पादों को खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों से जोड़कर किसानों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। प्राचीन नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय, भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह जी महाराज तथा अन्य महान विभूतियों से बिहार की धरती जुड़ी हुई है।

गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की 350वीं जयंती के अवसर पर पटना और पटना सिटी में विश्वस्तरीय व्यवस्थाएं की गई थीं। अब संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य में बाबा हरिहरनाथ कॉरिडोर, बोधगया कॉरिडोर और विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय को पुनर्स्थापित किया गया है और नालंदा विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक अवशेषों को संरक्षित रखा गया है ताकि यहां आकर दुनिया के लोग समझ सकें कि हजारों वर्ष पूर्व बिहार ज्ञान और शिक्षा का वैश्विक केंद्र था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की जनता की आकांक्षाएं सरकार के लिए सर्वोपरि हैं। अगले चार वर्षों में बिहार की अर्थव्यवस्था को चार गुना करने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी भारत को विकसित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं और पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। वर्तमान सरकार उन कार्यों को आगे बढ़ाते हुए बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के निवेशकों और उद्योगपतियों से बिहार में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि आप सरकार पर भरोसा करिए और बिहार की समृद्धि का रास्ता खोलने में अपना योगदान दीजिए। बिहार की समृद्धि से ही विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि राजनीति में लोग आते-जाते रहते हैं लेकिन बिहार को बदलने का संकल्प निरंतर जारी रहना चाहिए। भारत के नक्शे में बिहार का स्थान हृदय के समान है। जिस बिहार की धरती ने भारत को स्वर्णिम काल दिया, वही बिहार आने वाले समय में देश की समृद्धि का रास्ता खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बिहार बदलाव के रास्ते पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।