डायट नालंदा में हिन्दी दिवस पर विविध प्रतियोगिताओं का आयोजनहिन्दी को कक्षा-कक्ष में जीवंत बनाने का संकल्प

नालंदा बिहारशरीफ

बिहारशरीफ, अविनाश पांडेय : हिन्दी दिवस के अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), नूरसराय नालंदा में विविध शैक्षणिक एवं रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं ने निबंध लेखन, कविता पाठ, नाटक, वाद-विवाद एवं भाषण जैसी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं के उपरांत प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की प्राचार्य डॉ. नीतू सिंह ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीय एकता की पहचान है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से अपने शैक्षणिक जीवन में शुद्ध लेखन, प्रभावी अभिव्यक्ति तथा हिन्दी के समृद्ध साहित्य के अध्ययन पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम प्रभारी डॉ. निर्मला, व्याख्याता, डायट नालंदा ने अपने संबोधन में कहा कि हिन्दी को जीवंत रखने के लिए केवल हिन्दी दिवस मनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसे दैनिक जीवन और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “भाषा किताब की मोहताज नहीं है। जितना उसका प्रयोग होगा, उतनी ही वह जीवंत होगी।”

उन्होंने भावी शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे का अनुभव और अभिव्यक्ति अलग होती है। कोई बच्चा खुलकर बोलता है, कोई झिझकता है और कोई अधिक सवाल करता है। ऐसे में शिक्षक का दायित्व है कि वह बच्चों को प्रतिदिन बोलने, पढ़ने और लिखने के अवसर दे, उनकी त्रुटियों को हतोत्साहित करने के बजाय प्रेमपूर्वक सुधार करे तथा उनमें आत्मविश्वास विकसित करे।

डॉ. निर्मला ने कहा कि प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रशिक्षुओं में भाषा के प्रति रुचि, आत्मविश्वास, तार्किक क्षमता और मंच पर अपनी बात रखने का कौशल विकसित होता है। हिन्दी साहित्य की विविध विधाओं से जुड़कर प्रशिक्षु अपनी रचनात्मक प्रतिभा को भी निखार सकते हैं।

कार्यक्रम में निबंध लेखन, कविता पाठ, वाद-विवाद एवं भाषण सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रशिक्षुओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए डॉ. निर्मला ने संस्थान की प्राचार्य डॉ. नीतू सिंह, सभी व्याख्याता गण, निर्णायक मंडल, मैनेजमेंट टीम तथा सभी प्रशिक्षुओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास, सहयोग और उत्साह से ही कार्यक्रम सफल हो सका।

उन्होंने सभी को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिन्दी का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित न रहे, बल्कि संवाद, संवेदना, सृजन और शिक्षण के प्रत्येक अवसर पर हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग किया जाए।