विक्रांत। कृषि मंत्री, बिहार सरकार श्री राम कृपाल यादव का बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में भ्रमण कार्यक्रम आज गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उनके साथ डॉ. एन. के. यादव, सदस्य, विधान परिषद, बिहार तथा श्री अवनीश कुमार सिंह, आयुक्त, भागलपुर प्रमंडल भी उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय परिसर में आगमन पर कृषि मंत्री जी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों का कर्पूरी सभागार के मुख्य द्वार पर आत्मीय एवं पारंपरिक स्वागत किया गया।

इसके पश्चात माननीय मंत्री जी ने सभागार के प्रांगण एवं गलियारे में लगाए गए भौगोलिक संकेत (GI) उत्पादों एवं नवीन कृषि तकनीकों के स्टॉलों का अवलोकन किया। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित तकनीकों, अनुसंधान कार्यों एवं नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी गई, जिस पर मंत्री जी ने विशेष रुचि व्यक्त की।
इसके उपरांत कर्पूरी सभागार में आयोजित मंचीय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कृषि मंत्री जी, आयुक्त एवं अन्य अतिथियों का औपचारिक स्वागत माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह द्वारा किया गया। अपने स्वागत संबोधन में कुलपति ने अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर राज्य के कृषि विकास, किसानों की आय वृद्धि एवं युवाओं को आधुनिक कृषि से जोड़ने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, एन०ए०बी०एल० मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं, अनुसंधान, तकनीक हस्तांतरण तथा किसान-उन्मुख कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत की मनमोहक प्रस्तुति दी गई, जिसने कार्यक्रम को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की विकास यात्रा एवं उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म “सफरनामा” का प्रदर्शन किया गया, जिसमें वर्ष 2010 से 2025 तक विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया।
इसके पश्चात विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित सामाजिक सरोकारों पर आधारित फिल्म “नन्हीं उम्मीदें” का विधिवत विमोचन किया गया। साथ ही खजूर नीरा उत्पाद, राष्ट्रीय मृदा मानचित्र योजना, तथा विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित पुस्तक एवं न्यूज लेटर का भी लोकार्पण कृषि मंत्री जी के कर-कमलों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर श्री अवनीश कुमार सिंह, आयुक्त, भागलपुर प्रमंडल ने अपने संबोधन में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा एवं शोध का केंद्र है, बल्कि क्षेत्रीय कृषि विकास, किसानों के सशक्तिकरण एवं नवाचार को धरातल पर उतारने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री, बिहार सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों के बीच उपादानों का वितरण किया गया, जिससे लाभार्थियों में विशेष उत्साह देखा गया।
अपने संबोधन में कृषि मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने कहा कि “मुझे बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर पर गर्व है। यहाँ के वैज्ञानिकों, प्रयोगशालाओं एवं शोध कार्यों से प्रत्यक्ष रूप से जुड़कर बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला है। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक जिस समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं, वह प्रशंसनीय है।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के कृषि विकास एवं किसान समृद्धि से जुड़े सपनों को आप सभी साकार कर रहे हैं। बिहार कृषि विश्वविद्यालय राज्य में कृषि नवाचार, तकनीक हस्तांतरण एवं किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।” कार्यक्रम के अंत में कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह द्वारा कृषि मंत्री जी को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
कार्यक्रम उपरांत कृषि मंत्री, विधान परिषद सदस्य डॉ. एन. के. यादव, आयुक्त श्री अवनीश कुमार सिंह, कुलपति एवं विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बहुउद्देशीय सभागार में सौहार्दपूर्ण भेंट एवं संवाद का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पदाधिकारीगण, संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं मीडिया प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
