किशनगंज, मंतोष कुमार झा। बिहार के किशनगंज जिला अंतर्गत अमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने अजान के लिए लाउडस्पीकर के अत्यधिक उपयोग पर आपत्ति जताई है। उन्होंने मुसलमानों से अपील की है कि अजान देते समय आवाज की मर्यादा का पालन किया जाए और इसे अनावश्यक रूप से तेज न किया जाए।
अख्तरुल ईमान AIMIM के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी के करीबी माने जाते हैं और बिहार में पार्टी का प्रमुख चेहरा हैं। अख्तरुल ईमान असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के विधायक हैं। ऐसे में उनके इस बयान को न सिर्फ धार्मिक बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। उनके विचारों को पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की सोच से जोड़कर देखा जा रहा है।
ईमान ने इस्लामी तालीमात का हवाला देते हुए कहा कि इस्लाम में संतुलन और संयम पर विशेष जोर दिया गया है। यदि मस्जिद में कोई व्यक्ति नमाज अदा कर रहा हो, तो तेज आवाज में अजान देना उचित नहीं है। अजान का मकसद नमाज के समय की जानकारी देना, मस्जिद की ओर बुलाना और अल्लाह की इबादत का संदेश देना है, न कि शोर पैदा करना।
उन्होंने कहा कि अजान की आवाज की एक सीमा होनी चाहिए। मस्जिदों में अजान इतनी तेज नहीं होनी चाहिए कि वह तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दे। इस तरह की तेज अजान को उन्होंने “मुनासिब अमल” नहीं बताया और कहा कि इससे समाज में अनावश्यक विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है।
विधायक ने उदाहरण देते हुए कहा कि उनके मोहल्ले में मस्जिद के आसपास लगभग 500 मीटर के दायरे में रहने वाले लोग ही नमाज पढ़ने आते हैं, लेकिन इसके बावजूद अजान की आवाज इतनी तेज होती है कि पूरा इलाका उसे सुनता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराओं का पालन करते समय पड़ोस और समाज की सहूलियत का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
देश के मौजूदा सामाजिक हालात का जिक्र करते हुए अख्तरुल ईमान ने कहा कि सभी समुदायों को आपसी सौहार्द बनाए रखने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में सरकार ने उन्हें वाई-प्लस सुरक्षा प्रदान की है। इसके बाद उनके इस बयान के सामने आने से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
