गया में मिले 5 जिंदा बमों को किया नष्ट, मुखिया ने गहन जांच और मजबूत फेंसिंग की मांग की

गया

पुरुषोत्तम कुमार। गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड अंतर्गत अधिसूचित देवरी डुमरी फील्ड फायरिंग रेंज क्षेत्र में जिंदा बम और बिना विस्फोट हुए गोला-बारूद आम लोगों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। शनिवार को साउथ रेंज विघी पहाड़ी क्षेत्र में बम निरोधक दस्ते की टीम ने पांच जिंदा बमों को नियंत्रित विस्फोट के जरिए सुरक्षित रूप से नष्ट किया।

इस दौरान पूरे जंगली क्षेत्र को सुरक्षा के दृष्टिकोण से चारों ओर से सील कर दिया गया था। स्थानीय पंचायत के मुखिया संजीव कुमार उर्फ गुड्डू यादव ने बताया कि विघी पहाड़ी और आसपास के इलाके में अब भी कई जिंदा बम और बिना ब्लास्ट हुए मोर्टार झाड़ियों व पत्थरों के बीच पड़े हैं, जो पूर्व में सैनिक,सैन्य अभ्यास के दौरान फायरिंग के बाद छूट गए थे।

उन्होंने मांग की कि फायरिंग रेंज के निर्धारित इम्पैक्ट जोन के प्रत्येक हिस्से की गहन जांच कराई जाए तथा प्रतिबंधित क्षेत्र में छह फीट से अधिक ऊंची मजबूत फेंसिंग कराई जाए। मुखिया ने कहा कि यह इलाका मेहनत-मजदूरी पर निर्भर है।

ग्रामीण पालतू पशुओं को चराने या कबाड़ समझकर गोला-बारूद के अवशेष चुनने चले जाते हैं। कई बार जिंदा गोला मिलने पर उसे तोड़ने के प्रयास में विस्फोट हो जाता है, जिससे लोगों की जान चली जाती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप पूरे फायरिंग रेंज क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड और फेंसिंग का कार्य पूरा नहीं किया जाता, तब तक वे फायरिंग की अनुमति नहीं देंगे।

इसी क्रम मे बीते शुक्रवार को देवरी डुमरी फायरिंग रेंज क्षेत्र में एक विस्फोट की घटना सामने आई, जिसमें दो नागरिक हताहत हुए। इस हादसे में एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। इस संबंध में रक्षा मंत्रालय की ओर से रक्षा जनसंपर्क अधिकारी, विंग कमांडर देबार्थो धर ने आधिकारिक बयान जारी किया है।

उन्होंने बताया कि घटना की तिथि को उक्त फायरिंग रेंज में भारतीय सेना की कोई फायरिंग गतिविधि प्रगति पर नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीआरपीएफ की फायरिंग गतिविधि पूर्व में सम्पन्न हो चुकी थी तथा सभी निर्धारित क्लियरेंस प्रक्रियाओं का विधिवत पालन किया गया था।

विंग कमांडर देबार्थो धर ने यह भी कहा कि इस घटना में भारतीय सेना का कोई भी कार्मिक शामिल नहीं है। प्रारंभिक तथ्यों से संकेत मिलता है कि फायरिंग गतिविधियों के उपरांत नागरिकों द्वारा अनाधिकृत रूप से रेंज क्षेत्र में प्रवेश किया गया होगा।

घटना से संबंधित विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट संकलित की जा रही है और तथ्यों के पूर्ण सत्यापन के उपरांत आगे की जानकारी साझा की जाएगी। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा के हित में अधिसूचित फायरिंग रेंज क्षेत्रों के आसपास लागू सुरक्षा प्रतिबंधों का सख्ती से पालन करने की अपील की।

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