2026-27 का केंद्रीय प्रस्तुत वित्त बजट कर्तव्य भावन से मोदी सरकार की स्पष्ट दृष्टि से प्रेरित : राधामोहन सिंह

मोतिहारी
  • बताया कि बिहार, झारखंड,
    पश्चिम बंगाल, ओडिशा व आंध्र प्रदेश विकसित भारत का वृद्धि इंजन बनेगा

मोतिहारी, राजन द्विवेदी। केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सांसद पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट कर्तव्य भावन से प्रस्तुत किया जाने वाला पहला बजट मोदी सरकार की उस स्पष्ट दृष्टि से प्रेरित है जिसमें दुविधा के स्थान पर निर्णय, शब्दाडंबर के स्थान पर सुधार, तथा लोकलुभावन के स्थान पर जन-कल्याण को प्रधानता दी गई है।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता को ध्रुवतारा मानते हुए यह बजट संरचनात्मक सुधारों, राजकोषीय संयम और सतत लोक निवेश पर केंद्रित है, तथा यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक शासकीय पहल का प्रत्यक्ष लाभ नागरिकों तक रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता, परिवारों की क्रय शक्ति, और सार्वभौमिक सेवाओं के रूप में पहुंचे।

विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद 2026 से प्रेरित यह एक विशिष्ट युवा शक्ति प्रेरित बजट है। बजट तीन कर्तव्यों पर आधारित है (i) उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर तथा वैश्विक अस्थिरताओं के बीच अर्थव्यवस्था को मजबूत करके वृद्धि को तीव्र और सतत बनाना; (ii) जन-आकांक्षाओं की पूर्ति करते हुए उनकी क्षमता निर्माण करना है ।

ताकि वे भारत की समृद्धि-यात्रा के सशक्त सहभागी बनें, तथा (ii) आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस सहित उन्नत प्रौद्योगिकियों का विकास और उपयोग कर सुशासन को अधिक प्रभावी बनाना । ये कर्तव्य सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक परिवार, समुदाय, क्षेत्र और क्षेत्रक (सेक्टर) को संसाधन, सुविधाएँ और अवसर सुलभ हों।

श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तुत “रिफार्म एक्सप्रेस”, जिसके अंतर्गत स्वतंत्रता दिवस 2025 के बाद से 350 से अधिक सुधार लागू किए गए हैं, जिसके आधार पर सरकार डीरेगुलेशन, अनुपालन भार में कमी, तथा विश्वास- आधारित शासन के संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रही है।

उभरती टेक्नोलोजीइयों के लिए सुरक्षा प्रावधान (सेफ हार्बर प्रावधान) नवाचार और निवेश को प्रोत्साहित करेगा । विनियामक सुधारों हेतु उच्च स्तरीय समिति गैर- वित्तीय क्षेत्र के सभी विनियमों, प्रमाणन, अनुज्ञप्तियों और अनुमतियों की समीक्षा कर विश्वास आधारित आर्थिक शासन तथा व्यवसाय सुगमता को सुदृढ़ करेगी।

बजट में जन विश्वास अधिनियम 2.0 का प्रस्ताव भी है, जिससे अपराधों का अपराधमुक्तिकरण कर जीवन- सुगमता बढ़ाई जाएगी। भारतीय बैंकिंग क्षेत्र आज मजबूत बैलेंस शीट, लाभप्रदता में ऐतिहासिक ऊंचाई और बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार द्वारा विशेष रूप से चिन्हित है। विकसित भारत हेतु बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति क्षेत्र को भारत की अगली वृद्धि-चरण की आवश्यकताओं के अनुरूप समन्वित करेगी।

वैश्विक व्यापार और बहुपक्षीय व्यवस्थाओं में व्यवधान के बीच भी भारत समावेशन के साथ महत्वाकांक्षा का संतुलन साधते हुए विकसित भारत की दिशा में दृढ़ कदम बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के लिए विकसित भारत की प्रथम प्राथमिकता समृद्ध किसान है।

कृषि उत्पादन में विविधीकरण, उत्पादकता वृद्धि तथा आय-वर्धन हेतु बजट में उच्च मूल्य फसलों जैसे तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको, काजू, उत्तर-पूर्व में वृक्ष- आधारित उत्पादन, तथा पर्वतीय क्षेत्रों में बादाम, अखरोट और पाइन नट के लिए सहायता का प्रस्ताव है।

नारियल प्रोत्साहन योजना के माध्यम से प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में पुरानी बागों के स्थान पर नई पौध लगाकर उत्पादकता बढ़ाई जाएगी। भारतीय काजू और कोको हेतु समर्पित कार्यक्रम के द्वारा 2030 तक आत्मनिर्भरता प्राप्त करते हुए इन्हें उत्कृष्ट वैश्विक ब्रांडों में रूपांतरित करने का लक्ष्य रखा गया है।

तिलहनों में आत्मनिर्भरता हेतु सरकार सरसों, मूँगफली, तिल, सोयाबीन और सूर्यमुखी के लिए तिलहन समूहों के विकास में राज्यों को सहायता प्रदान करेगी। बजट में भारत-विस्तार का प्रस्ताव है, जो एग्रीस्टैक पोर्टलों तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की पद्धतियों को समेकित करने वाला बहुभाषी ए.आई उपकरण होगा, जिससे अनुकूलित परामर्श सहायता उपलब्ध होगी और जोखिम में कमी आएगी।

मत्स्य क्षेत्र के लिए बजट में 500 जलाशयों तथा अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास और तटीय क्षेत्रों में मूल्य शृंखला सुदृढ़ करने का प्रस्ताव है। पशुधन कृषि आय में लगभग 16 प्रतिशत योगदान को देखते हुए, ऋण संबद्ध अनुदान कार्यक्रम के माध्यम से पशुपालन उद्यमिता तथा
पशुधन किसान उत्पादक संगठनों के गठन को भी समर्थन प्रदान किया जाएगा।

श्री सिंह ने कहा कि दशकों तक पूर्ववर्ती सरकारों ने प्राकृतिक संसाधनों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से संपन्न होने के बावजूद पूर्वी भारत की उपेक्षा की। मोदी सरकार का मिशन पूर्वोदय, जिसे केंद्रीय बजट 2024-25 में आरम्भ किया गया था। बिहार, झारखंड,
पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश को विकसित भारत का वृद्धि इंजन बनाने की दिशा में परिवर्तनकारी भूमिका निभा रहा है।

इसी दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए, बजट 2026-27 में दुर्गापुर को एक नोड बनाकर एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक गलियारे, पूर्वोदय राज्यों में 5 पर्यटन गंतव्यों, तथा 4,000 ई-बसों का प्रस्ताव किया गया है। ओडिशा का राष्ट्रीय जलमार्ग-5 तालचर और अंगुल के खनिज समृद्ध क्षेत्रों को पारादीप और धामरा पत्तनों से जोड़ेगा।

बिहार में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान, पूर्वी क्षेत्र हेतु राष्ट्रीय अभिकल्प संस्थान, तथा वाराणसी और पटना में पोत मरम्मत पारितंत्र औद्योगिक क्षमता को सुदृढ़ करेंगे। रांची स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थान के रूप में उन्नत किया जाएगा।

डानकुनी से सूरत को जोड़ने वाला समर्पित माल गलियारा तथा ओडिशा में दुर्लभ भू-तत्व गलियारे भी पूर्वी भारत के औद्योगिक रूपांतरण को और गति प्रदान करेंगे। वाराणसी और पटना में पोत मरम्मत पारितंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी किया गया है। अंतिम-छोर संपर्क तथा पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु समुद्री विमान के स्वदेशी विनिर्माण के लिए प्रोत्साहन, साथ ही समुद्री विमान व्यवहार्यता अंतर सहायता योजना का प्रस्ताव किया गया है।

यह जानकारी भाजपा मीडिया प्रभारी गुलरेज शहजाद ने दी है।

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